गिरिडीह: गिरिडीह-नवादा रेलवे लाइन का निर्माण जल्द शुरू हो, इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। कहा गया है कि गिरिडीह-नवादा रेलवे लाइन के निर्माण को लेकर साल 2011 के बजट में घोषणा की गई थी। करीब 11 साल बीत जाने पर निर्माण की मंजूरी नहीं मिल पाई है। उन्होंने जल्द निर्माण की मंजूरी देने की मांग की है। इस रेलवे लाइन के निर्माण होने से झारखंड-बिहार के बीच यात्रियों की दूरी कम होगी। साथ ही प्रसिद्ध बौद्ध धर्म की नगरी बोध गया और जैन धर्म की नगरी राजगीर-पावापुरी से सीधे जुड़ पाएंगे। पर्यटन और तीर्थाटन सर्किट का निर्माण होगा। मरांडी ने गिरिडीह जिले के रेलवे से जुड़े कई मांगों को पत्र में लिखा है। सरिया रेलवे क्रासिग पर ओवरब्रिज का निर्माण जल्द कराने की मांग की है। सरिया की प्रमुख समस्याओं में से एक सरिया रेलवे लाइन क्रासिग का मामला है जिससे प्रतिदिन ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न होती है।

-जमुआ-धनवार में हो कोलकाता-पटना एक्सप्रेस का ठहराव: पूर्व मुख्यमंत्री ने गिरिडीह से गुजरनेवाली पटना-कोलकाता एक्सप्रेस का ठहराव जमुआ और धनवार में कराने की मांग की है। कहा है कि इस ठहराव से वहां के हजारों लोगों को लाभ होगा। यह दोनों स्टेशन कोडरमा और गिरिडीह से चालीस किलोमीटर की दूरी पर हैं। साथ ही कोडरमा-कोवाड़ पैसेंजर ट्रेन का ठहराव पोबी स्टेशन पर करने की मांग की है। वहीं हटिया-सूरत ट्रेन को मधुपुर होकर नियमित परिचालन कराने की मांग की है। ये सभी मांगें पूरी होने पर जिले के लोगों को लाभ होगा।

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