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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आजसू MP चंद्र प्रकाश चौधरी ने गिरिडीह उपायुक्त को बताया JMM का एजेंट, चुनाव आयोग से की DC को अविलंब हटाने की मांग

Published: Fri, 18 Oct 2024 05:52 PM (IST)

गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग को ...और पढ़ें

झामुमो के एजेंट की तरह काम कर रहे गिरिडीह डीसी: चंद्र प्रकाश। (फाइल फोटो)
झामुमो के एजेंट की तरह काम कर रहे गिरिडीह डीसी: चंद्र प्रकाश। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. झामुमो के एजेंट की तरह काम कर रहे गिरिडीह डीसी: चंद्र प्रकाश चौधरी
  2. चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा- डीसी को अविलंब जिले से हटाने की जरूरत
  3. प्रदूषण मामले पर भी उपायुक्त को घेरा, चुनाव में धन-बल के प्रयोग की जताई आशंका
  4. सत्ताधारी दलों के प्रत्याशियों को 50-50 हजार रुपये देने के लिए उद्योगपतियों पर बनाया दबाव

जागरण संवाददाता, गिरिडीह। Jharkhand Assembly Elections 2024 सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने गिरिडीह के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। सांसद ने आरोप लगाया कि जिले के उपायुक्त राज्य की सत्ताधारी पार्टी-झामुमो के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि अगर इन्हें जिले से नहीं हटाया गया तो, धन-बल और पद के दुरुपयोग से चुनाव को प्रभावित किया जा सकता है। उन्होंने निष्पक्ष, भयमुक्त और शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न करने के लिए उन्हें पदमुक्त कर किसी निष्पक्ष जिला निर्वाचन पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की मांग की है।

आरोप लगाने की आदत नहीं, डीसी के व्यवहार से आहत

पत्र में आजसू के सांसद ने लिखा है कि मुझे दूसरों पर आरोप लगाने की आदत नहीं है, लेकिन उपायुक्त के व्यवहार ने मुझे आहत किया है। उन्होंने कहा कि बीते छह महीने में मेरी ओर से लिखे गए किसी भी पत्र का उपायुक्त ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

सांसद ने लिखा है कि गिरिडीह के औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण से परेशान लोगों ने चुनाव बहिष्कार तक की धमकी दी। इस पर उन्होंने पहल करते हुए उपायुक्त से बैठक बुलाने की मांग की, लेकिन उपायुक्त ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए उनके निर्देश के बावजूद बैठक को रद्द कर दिया।

इसके बाद अपनी मनमर्जी से उपायुक्त ने उद्योग संचालकों के साथ बैठक कर गिरिडीह जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्र में राज्य के सत्ताधारी दलों के प्रत्याशियों को 50-50 लाख रुपये चंदा देने का दबाव बनाया। चंदा नहीं देने पर उद्योग बंद करने की धमकी दी।

सांसद ने आरोप लगाया कि उपायुक्त मुख्य रूप से राज्य के सत्ताधारी दल के एजेंट के रूप में जिले में कार्यरत हैं।

धर्म और वर्ग विषेश के समर्थन में काम करने का लगाया आरोप

पत्र में सांसद ने जिले के उपायुक्त पर खास धर्म व वर्ग के लोगों के समर्थन में काम करने का भी आरोप लगाया है।

सांसद ने कहा कि राज्य के सत्ताधारी दल के वोट बैंक को संरक्षित करने के लिए उपायुक्त खास धर्म-वर्ग के लोगों के खिलाफ न तो जमीन अतिक्रमण के मामलों में कोई कार्रवाई कर रहे और न ही अन्य किसी अपराध की शिकायत पर।

सभी छह विधानसभा क्षेत्र में चुनाव को प्रभावित करने के लिए एक बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है। उपायुक्त को पदमुक्त कर ही निष्पक्ष चुनाव कराने की प्रतिबद्धता तथा विश्वसनीयता को कायम रखा जा सकता है।

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