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World Animal Welfare Day: दो रोटी से सवामणि तक, दुमका में पशुधन के प्रति प्रेम की अनूठी परंपरा

Published: Sat, 03 Oct 2026 10:08 PM (IST)

World Animal Welfare Day 2026: दुमका की श्रीश्री गौशाला में पशुधन की सेवा की एक सदी पुरानी परंपरा कायम है, ...और पढ़ें

World Animal Welfare Day 2026: 4 अक्टूबर को मनाया जाता है विश्व पशु कल्याण दिवस। (प्रतीकात्मक फोटो)

World Animal Welfare Day 2026: 4 अक्टूबर को मनाया जाता है विश्व पशु कल्याण दिवस। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. दुमका की श्रीश्री गौशाला में पशुधन सेवा की पुरानी परंपरा।

  2. प्रतिदिन दो रोटी, आर्थिक सहयोग और सवामणि से पशु कल्याण।

  3. सभी आयु वर्ग और समुदायों का सक्रिय योगदान, 150 पशुओं की देखभाल।

राजीव, दमका। World Animal Welfare Day 2026: पशुधन के लिए प्रतिदिन दो रोटी देने की परंपरा है। ये रोटियां कोई घर से बनाकर दे सकता है तो कोई प्रतिदिन 10 रुपये या महीने का 300 रुपये देकर पशुधन के प्रति सेवा व प्रेम का भाव प्रकट कर सकता है। बात यही नहीं थमती है। परंपरा तो यह भी कि कोई अपने जन्मदिन पर तो कोई अपनी शादी की सालगिरह पर भी पशुधन के लिए चारा व भोजन सामग्री मुहैया कराते हैं।

एकादशी पर सवामणि की परंपरा है। पशुओं के प्रति प्रेम व इनके कल्याण का यह भाव कहीं और नहीं बल्कि दुमका के श्रीश्री गौशाला परिसर में कायम है। खास बात यह भी इस परंपरा के निर्वहन में उम्र कोई सीमा नहीं है।

किशोर, युवा, महिलाएं पुरुष और बुजुर्ग हर कोई इस परंपरा के निर्वहन की होड़ में शामिल है। कई पशुप्रेमी ऐसी भी हैं जो चोकर, बेसन, गुड़ व चारा निस्वार्थ भाव से मुहैया कराते हैं।

यहां एकादशी ग्यारस वाले दिन भी पशुधन को सवामणि की प्रसाद दी जाती है। गौशाला के कर्मियों को कपड़ा मिठाई व अन्य सामग्रियां प्रदान कर इनकी भी हौसला आफजाई की जाती है।

सामूहिक सहयोग से वर्ष 1912 से चल रही श्रीश्री गौशाला 

दुमका-दुधानी बायपास सड़क का दूसरा नाम गौशाला रोड भी है। पुराने लोग बताते हैं कि इस सड़क का नाम गौशाला रोड इसलिए पड़ गया कि क्योंकि इसके किनारे ही श्रीश्री गौशाला का परिसर है। जिसकी स्थापना वर्ष 1912 में की गई थी।

तकरीबन सवा पांच बीघा में फैला श्रीश्री गौशाला के लिए जमीन हिम्मतसिंहका परिवार ने उपलब्ध कराई है। जबकि इसकी बुनियाद मारवाड़ी समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से रखी थी जिसमें हिम्मतसिंहका और मोदी परिवार की भूमिका अग्रणी है।

वर्तमान में इस गौशाला के पशुधन के रखरखाव को लेकर शहर के विभिन्न समुदायों के गण्यमान्य लोग दिल खोलकर मदद कर रहे हैं। अभी इस गौशाला में 150 पशुधन हैं। नौ कमरे पक्के हैं।

इसके अलावा पशुओं के रखरखाव के लिए शेड व खुली जगह भी है। गौशाला को संचालित करने के लिए गठित कमेटी में 33 पदाधिकारी हैं जबकि सामान्य कार्यकारिणी सदस्यों की संख्या तकरीबन 125 है।

पशुधन प्रेम में महिलाएं भी पीछे नहीं

श्रीश्री गौशाला में पल रहे पशुओं के लिए सेवा भाव रखने वालों में मारवाड़ी समाज की महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। इनके स्तर से सामान्य व विशिष्ट अवसरों पर यहां आकर पशुओं की सेवा के अलावा इनके भोजन, सवामणि व अन्य तरह के कार्य किए बखूबी किए जाते हैं। मारवाड़ी समाज की नीलम मोर, रिंकू मोदी समेत कई महिलाएं इसमें शामिल हैं।

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गौ माता की सेवा रोज करनी चाहिए। कहते हैं कि इससे बड़ा पुण्य कुछ भी नहीं है। हम लोग जन्म तिथि एवं वैवाहिक वर्षगांठ व अन्य विशिष्ट अवसर पर विशेष तौर पर गौशाला आकर गौ माता की सेवा करते हैं। सवामणि, तुलादान व यहां की कर्मियों की मदद करते हैं।

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नीलम मोर, समाजसेवी, दुमका

श्रीश्री गौशाला में सबकी भागीदारी तय हो यह बहुत जरूरी है। सनातन संस्कृति में पशुधन का खास महत्व है। गौ को माता का दर्जा हासिल है। इसलिए गौशाला के विकास व पशुधन की सेवा में हर कोई बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी तय करे। दान दाता दान भी दें। प्रेरणा शाखा गोपाष्टमी पर आयोजित मेला में प्रतिवर्ष बच्चों एवं महिलाओं के बीच खेलकूद प्रतियोगिता व पुरस्कार वितरण करती है।

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रिंकू मोदी, संरक्षक, प्रेरणा, दुमका

श्रीश्री गौशाला दुमका सबके सहयोग से पशुधन की सेवा कार्य को तत्परता से कर रहा है। इसका उद्देश्य पशुओं के प्रति दया, संरक्षण और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। इसकी सार्थकता तभी है, जब संवेदना रोजमर्रा के व्यवहार में दिखाई दे।

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परवीन मेहारिया, सचिव, श्रीश्री गौशाला दुमका

वह बोल नहीं सकते, लेकिन दर्द उन्हें भी होता है। भूख उन्हें भी सताती है। ऐसे में गर्मी में प्यासे पशु के लिए पानी का बर्तन रख देना,

पशुओं के प्रति संवेदना बच्चों में भी करुणा और सह-अस्तित्व की भावना पैदा करती है। पशु हमारे जीवन और प्रकृति के संतुलन का अहम हिस्सा हैं। इसलिए उनकी रक्षा केवल पशु कल्याण नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का निर्वहन भी है।

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प्रेम कुमार अग्रवाल सप्पू, अध्यक्ष, श्रीश्री गौशाला दुमका