‘उड़ता संताल’ की आहट! तीन माह में एक दर्जन से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार
Jharkhand News: संताल परगना में ब्राउन शुगर का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है।

झारखंड के संताल में तेजी से फैल रहा नशा का कारोबार। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
संताल परगना में ब्राउन शुगर का प्रचलन तेजी से बढ़ा।
तीन माह में दुमका में एक दर्जन से अधिक तस्कर गिरफ्तार।
ड्रग्स की खेप पश्चिम बंगाल और बिहार से आ रही है।
राजीव, दुमका। झारखंड प्रदेश का सबसे पिछड़ा क्षेत्र संताल परगना में अब सूखा नशा यानी ड्रग्स का प्रचलन तेजी से फैलता जा रहा है और इसकी जद में युवा पीढ़ी धंसती जा रही है। अगर शीघ्र ही इस पर नकेल नहीं कसी गई तो संभव है कि ‘उड़ता पंजाब ’ की तर्ज पर 'उड़ता संताल' की पटकथा भी लिखी जाए।
दरअसल, बीते तीन माह में सिर्फ दुमका जिले के दुमका, रामगढ़, हंसडीहा और जरमुंडी थाना क्षेत्रों से ब्राउन शुगर की अलग-अलग मात्रा की पुड़िया के साथ एक दर्जन से अधिक नशा तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छानबीन में दुमका में ब्राउन शुगर की खेप पश्चिम बंगाल और बिहार से आने की जानकारी मिली है। भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि छोटी-सी ब्राउन शुगर की पुड़िया अब दुमका, देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ व साहिबगंज में नशे का बड़ा बाजार बनाने की राह पर है। यह कारोबार पिछले पांच वर्षों में इस इलाके में तेजी से फैला है।
खबर तो यह भी है कि दुमका जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ब्राउन शुगर के साथ धराए नशा तस्कर के पांव पुलिसिया कार्रवाई से ज्यादा तेज भाग रहे हैं।
दुमका के हंसडीहा, रामगढ़ और जरमुंडी में ब्राउन शुगर की बरामदगी और हुई गिरफ्तारियां आगे की कहानी कह रही हैं। ब्राउन शुगर के साथ हो रही गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस के समक्ष इसकी भी चुनौती है कि इनके आकाओं की गर्दन तक उसका हाथ पहुंचे।
क्या है ब्राउन शुगर और क्यों है इसकी डिमांड
ब्राउन शुगर आम चीनी नहीं है, बल्कि भारत में यह नाम आमतौर पर हेरोइन व स्मैक के कम शुद्ध या खराब तरीके से प्रोसेस किए गए रूप के लिए इस्तेमाल होता है।
यूएनओडीसी के दस्तावेजों के अनुसार, हेरोइन मॉर्फिन से बना अर्ध-संश्लेषित मादक पदार्थ है और कम गुणवत्ता वाली भूरी हेरोइन को ही ब्राउन शुगर कहा जाता है। यह अत्यधिक नशे की लत लगाने वाला ओपिओइड है, जिसके सेवन से आनंद जैसी अनुभूति होती है।
बार-बार सेवन से निर्भरता, सहनशीलता बढ़ना, शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर और ओवरडोज का खतरा पैदा होता है। इसकी लत लगने के बाद इसका सेवन करने वाले इसके डोज के गुलाम बन जाते हैं।
देवघर से लेकर दुमका और साहिबगंज तक फैला कारोबार
पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज मामलों पर निगाह डालें तो देवघर में फरवरी 2023 में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री के आरोप में पांच लोगों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई थी।
वर्ष 2024 की एक रिपोर्ट बताती है कि बिहार के छपरा, भागलपुर और पश्चिम बंगाल के आसनसोल क्षेत्र से ब्राउन शुगर की आपूर्ति संताल परगना के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही है।
हाल के वर्षों में देवघर के मोहनपुर थाना, दुमका के हंसडीहा, रामगढ़, दुमका एवं जरमुंडी और साहिबगंज के राजमहल में भी ब्राउन शुगर की तस्करी और जब्ती के कई मामले दर्ज किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, ब्राउन शुगर की खेप पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट व मुरोराई के रास्ते भी यहां पहुंच रही है।
