एसकेएमयू की डॉ अमिता कुमारी को संताल इतिहास शोध के लिए लंदन में मिला अंतरराष्ट्रीय अनुदान
Sido Kanhu Murmu University: डा. अमिता कुमारी को लंदन स्थित ब्रिटिश लाइब्रेरी में संतालों के औपनिवेशिक इतिहास पर शोध के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुदान मिला है।

विश्वविद्यालय परिसर में डा.अमिता कुमारी को शोध यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन डा. विजय कुमार और अन्य। (फोटो जागरण)
HighLights
डा. अमिता कुमारी को ब्रिटिश लाइब्रेरी में शोध हेतु अनुदान।
संतालों के औपनिवेशिक इतिहास और संताल हूल पर केंद्रित शोध।
लंदन में ऐतिहासिक अभिलेखों का गहन अध्ययन करेंगी डा. अमिता।
जागरण संवाददाता, दुमका। Sido Kanhu Murmu University Dumka एसोसिएशन फार एशियन स्टडीज के काउंसिल फार द ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की ओर से प्रदान किए जाने वाले शार्ट-टर्म रिसर्च ट्रैवल ग्रांट के अंतर्गत एसकेएमयू की व्याख्याता डा.अमिता कुमारी को लंदन स्थित ब्रिटिश लाइब्रेरी में शोध कार्य के लिए अनुदान प्राप्त हुआ है।
इस अनुदान के तहत वह पांच अक्टूबर से तीन नवंबर 2026 तक लंदन में रहकर अपने शोध कार्य को आगे बढ़ाएंगी। डा. अमिता कुमारी का शोध मुख्य रूप से संतालों के औपनिवेशिक इतिहास तथा 1855 के संताल हूल से पूर्व संताल क्षेत्र में औपनिवेशिक प्रशासन की प्रकृति और कार्यप्रणाली पर केंद्रित है।
उनके अध्ययन में दामिन-इ-कोह की प्रशासनिक व्यवस्था, भूमि एवं राजस्व प्रणाली, न्यायिक प्रशासन, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन तथा इन औपनिवेशिक नीतियों के प्रति संताल समुदाय की प्रतिक्रियाओं का विशेष रूप से विश्लेषण किया गया है।
लंदन प्रवास के दौरान डा. अमिता कुमारी ब्रिटिश लाइब्रेरी तथा इंडिया आफिस रिकार्ड्स में उपलब्ध ऐतिहासिक और औपनिवेशिक अभिलेखों का अध्ययन करेंगी।
इस दौरान वह संताल क्षेत्र के प्रशासन, दामिन-इ-कोह की व्यवस्था, न्यायिक एवं राजस्व प्रशासन, औपनिवेशिक अधिकारियों की रिपोर्टों तथा संसाधनों के दोहन से संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेजों का गहन अध्ययन करेंगी।
यह शोध झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के विभिन्न अभिलेखागारों तथा दुमका जिला रिकार्ड रूम में उनके द्वारा पूर्व में किए गए शोध कार्य को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा। लंदन प्रवास के दौरान उनकी यूनिवर्सिटी आफ ईस्ट एंग्लिया के प्रो. डैनियल राइक्राफ्ट से भी मुलाकात तय है।
संताल इतिहास और संताल हूल से संबंधित उनके शोध का डा.अमिता कुमारी के अध्ययन में विशेष महत्व रहा है। इस मुलाकात के दौरान वह अपने शोध के निष्कर्षों एवं वर्तमान अभिलेखीय कार्य पर चर्चा करेंगी तथा संताल इतिहास और औपनिवेशिक अभिलेखों के अध्ययन के संबंध में उनके सुझाव और विचार प्राप्त करेंगी।
शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में डा.अमिता कुमारी को शोध यात्रा के लिए विदाई देते हुए सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन डा. विजय कुमार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह अंतरराष्ट्रीय शोध यात्रा न केवल डा.अमिता कुमारी के अकादमिक एवं शोध कार्य को नई दिशा प्रदान करेगी बल्कि इससे विश्वविद्यालय तथा संताल परगना के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अध्ययन को भी महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर डा. जय कुमार साह, डा. संजीव कुमार सिन्हा, डा. राजीव केरकेट्टा, डा. स्नेहलता मुर्मू, डा. गणेश, शोधार्थी स्निग्धा तथा डा. अजय सिन्हा उपस्थित थे।
यह भी पढ़ें- World Animal Welfare Day: दो रोटी से सवामणि तक, दुमका में पशुधन के प्रति प्रेम की अनूठी परंपरा
यह भी पढ़ें- रिटायरमेंट के बाद भी नहीं थमी रफ्तार, दुमका के बुजुर्गों ने बनाया ‘प्रेरणा समूह’, युवाओं को दिखा रहे नई राह
