यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसान को नहीं रहा भगवान का डर, मंदिर में फेंके गए मांस के टुकड़े, क्या दोनों समुदायों को लड़ाने की है साजिश!
यह किस्सा शिकारीपाड़ा प्रखंड के ढाका गांव में स्थित काली मंदिर का है। मंगलवार को मंदिर में मांस फेंके जाने ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, दुमका। मंदिर में गंदगी फैलाने, प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने, तोडफोड़ करने और चोरी की खबरें अकसर सुनने को मिलती हैं। कुछ ऐसा ही किस्सा शिकारीपाड़ा प्रखंड के ढाका गांव में स्थित काली मंदिर में देखने को मिला, जिसमें शरारती तत्वों ने मंगलवार को मांस फेंक दिया। इससे गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मांस के साथ शिवतल्ला पंचायत के उपमुखिया खलीला का नाम और मोबाइल नंबर लिखा हुआ एक पर्चा भी है।
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति
सूचना के बाद एसडीपीओ नूर मुस्तफा अंसारी व पुलिस निरीक्षक संजय सुमन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मांग है कि पहले पर्चा में जिस व्यक्ति का नाम लिखा हुआ है, उसे मंदिर में लाया जाए, लेकिन मौजूदा हालात और तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस उसे लाने का साहस नहीं कर पा रही है। पुलिस का मानना है कि किसी ने उप मुखिया को फंसाने के लिए इस तरह की हरकत की है। पुलिस लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है। मालूम हो कि गांव में हिंदू, आदिवासी और मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
कुछ इसी तरह की घटना लोहरदगा जिले के सदर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले रामपुर गांव में स्थित शिव मंदिर में भी देखने को मिला था। यहां तो असामाजिक तत्वों ने मंदिर में प्रतिबंधित मांस फेंक दिया था। इस घटना से गांव में रहने वाले हिंदुओं का पारा चढ़ गया था और समाज के दोनों समुदाय आमने-सामने आ गये थे। यह पिछले साल जुलाई के महीने में हुई घटना है।
यहां पढ़ें पूरी खबर- झारखंड: लोहरदगा में शिव मंदिर में फेंका मांस... पूरे इलाके में तनाव
शिव मंदिर के बाद शनि मंदिर में फेंका गया मांस
लोहरदगा के शिव मंदिर में मांस फेंकने की घटना को 9 जुलाई को अंजाम दिया गया था, जबकि ठीक इसके दूसरे दिन यानि कि 10 जुलाई को यहां के एक शनि मंदिर के सामने से मांस मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहले मांस और हड्डी को मंदिर परिसर के सामने से हटाया और बाद में पूरी सतर्कता बरती ताकि फिर से इस तरह की घटना को दोहराया न जा सके।
