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    झारखंड का एक मंदिर: गंदगी के बीच लग रही तालाब में आस्था की डुबकी, पीने का पानी भी नहीं हो रहा नसीब

    By Rohit Kumar MandalEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Mon, 30 Oct 2023 03:49 PM (IST)

    Dumka News झारखंड के दुमका में स्थित पहाड़ी मंदिर चुटोनाथ धाम के तालाब की नियमित साफ-सफाई नहीं की जाती है। मंदिर में रोजाना कई श्रद्धालु पूजा करने आते हैं। अब मजबूरन लोगों को गंदगी के बीच अस्था की डुबकी लगानी पड़ती है। तालाब में जंगली घास तक उग आई है।

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    चुटोनाथ मंदिर स्थित तालाब में गंदगी का अंबार

    संवाद सूत्र, चिकनियां (दुमका)। जामा प्रखंड की बेदिया पंचायत स्थित शिव मंदिर व पहाड़ी मंदिर चुटोनाथ धाम की ख्याति दूर-दूर तक है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पूजा करने आते हैं। शिवमंदिर से कुछ ही दूर तालाब में लोग स्नान करने के बाद ही मंदिर में पूजा के लिए जाते हैं।

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    हालांकि, इस तालाब की स्थिति बद से बदतर हो गई है। गंदगी की वजह से तालाब का पानी दूषित हो चुका है। आस्था की वजह से लोग गंदे पानी में डुबकी लगाने को मजबूर हैं। तालाब के चारों तरफ गंदगी का अंबार है। तालाब में जंगली घास उग आई है।

    स्थानीय दुकानदार व पुजारी की मांग

    स्थानीय दुकानदार व पुजारी पशुपति राय, संजय राय, सिकन्दर राय, अनोज राय, रुसन राय, निर्मल राय, मनोज राय, अरुण राय, जियालाल मिस्त्री आदि का कहना है कि जनप्रतिनिधि व प्रशासन अगर तालाब की सफाई करा दे तो दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान व पूजा करने में सहूलियत होगी।

    अब तो रोज जुटती है लोगों की भीड़

    खासकर दंडवत करने वालों को काफी परेशानी होती है। जलमीनार खराब रहने से श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक समय था कि चूटोनाथ में रविवार को भारी भीड़ जुटती थी।

    लोग मनोकामना पूरी होने पर प्रसाद के रूप में खाना बनवाते थे। अब तो रोज लोगों की भीड़ जुटती है। स्नान व पेयजल के लिए लोगों को संकट का सामना करना पड़ता है। लोगों को खरीदकर पानी पीना पड़ता है।

    क्या बोले लोग?

    जनप्रतिनिधि या प्रशासन तालाब की साफ सफाई के साथ थोड़ा गड्डा करवा दे तो श्रद्धालुओं को पूजा करने में कठिनाई नहीं होगी। मंदिर हर किसी की आस्था का केंद्र है। इस ओर ध्यान देना चाहिए। - संजय राय

    अभी तो श्रद्धालु किसी प्रकार चापाकल से पानी तो ले लेते हैं, लेकिन जलमीनार खराब होने से पानी के लिए कभी कभार आपस में ही उलझ जाते हैं। किसी तरह से शांत कराना पड़ता है। - जियालाल मिस्त्री

    तालाब की साफ सफाई नही होने से दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच गलत संदेश जाता है। जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं है तो प्रशासन को ही कुछ करना चाहिए। - सिकंदर राय

    तालाब की गंदगी से दुकानदार, पुजारी व श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है। प्रशासन को ही इस पर ध्यान देना होगा। ऐसा नहीं होने से दुमका की छवि खराब हो रही है। - राजेन्द्र पुजहर

    जलमीनार की जल्द मरम्मत करा दी जाए तो आने वालों को सहूलियत होगी है। लोगों को पेजयल के लिए भटकना पड़ता है। लोग पानी की व्यवस्था करके ही आते हैं। - पशुपति राय

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