दुमका में अंगीठी बनी काल! दम घुटने से एक मासूम की मौत, मां और 2 बेटियां गंभीर
दुमका के बेहराबांक गांव में अंगीठी के धुएं से दम घुटने के कारण एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि ...और पढ़ें

सदर अस्पताल में मंगलवार को इलाजरत बच्ची के साथ स्वजन। जागरण
HighLights
दुमका में अंगीठी के धुएं से बच्ची की मौत।
मां और दो बेटियां अस्पताल में गंभीर हालत में।
बंद कमरे में अंगीठी जलाने से हुआ हादसा।
जागरण संवाददाता, दुमका। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेहराबांक गांव में मंगलवार की एक कमरा में मां और उसकी तीन बेटियां बेहोशी की हालत में मिलीं। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों की चिंता बढ़ी।
अनहोनी की आशंका में जब दरवाजा तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया गया तो वहां का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। मां और तीनों बेटियां अचेत अवस्था में पड़ी थीं।
आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने एक बेटी निक्की कुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं मां, एक नवजात समेत दो अन्य बेटियों का इलाज चल रहा है।
घर से दूर था पिता, मां और बेटियां सो रही थीं कमरे में
बेहराबांक गांव निवासी दिलीप सिंह रात में रिंग रोड स्थित अपने लाइन होटल में ही सो गए थे। घर पर उनकी पत्नी रीना देवी और पांच बेटियां थीं।
बताया जाता है कि 11 दिन की नवजात बच्ची की देखभाल के लिए मां रीना देवी दो अन्य बेटियों और नवजात के साथ एक कमरे में सोई थी, जबकि दो बेटियां दूसरे कमरे में सो रही थीं। सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो स्वजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई।
ठंड से बचाव के लिए जलाई गई थी अंगीठी
स्वजनों के अनुसार नवजात बच्ची के कारण रात में कमरे के भीतर अंगीठी जलाकर रखी गई थी। घर के दरवाजे और खिड़कियां भी बंद थीं।
गृहस्वामी प्रकाश सिंह ने आशंका जताई कि बंद कमरे में अंगीठी जलने के कारण दम घुटने से यह हादसा हुआ होगा। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
सदर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर नाराजगी
घटना के बाद मां रीना देवी, नवजात बच्ची और एक अन्य बेटी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। नवजात की स्थिति खतरे से बाहर है जबकि मां और एक अन्य बेटी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इस दौरान परिजनों ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि गंभीर हालत में मरीजों को अस्पताल लाने के बाद भी इलाज के नाम पर उन्हें इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है।
कोई जिम्मेदारी लेने और मरीजों को देखने वाला नहीं है। परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए बेहतर इलाज की मांग की।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर की पूछताछ
घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और परिजनों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई।
फिलहाल एक मासूम की मौत से परिवार में मातम पसरा है, जबकि मां और दो अन्य बेटियों की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी है। बेहराबांक की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा और शोक का विषय बनी हुई है।
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