झारखंड के 'मिनी गोवा' में बड़ा हादसा, मयूराक्षी नदी में नहाने गए चार किशोरों की डूबने से मौत
दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र में मयूराक्षी नदी में नहाने गए चार किशोरों की डूबने से दुखद मौत हो गई। यह घटना मिनी गोवा के नाम से मशहूर इलाके में हुई। मृतकों में तीन 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र थे। शुक्रवार दोपहर तक सभी शव बरामद कर लिए गए।

राजीव, दुमका। झारखंड के दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र के पिपरा गांव के निकट से होकर गुजरने वाली मयूराक्षी नदी में गुरुवार की शाम में तफरी करने गए चार किशोर की डूबने से मौत हो गई।
चारों किशोर यहां नहाने के क्रम में तकरीबन 20 फीट अंदर गहरे पानी में समां गए। इसमें तीन एएन इंटर कॉलेज के 11वीं व 12वीं के छात्र थे। एक प्लस टू जिला स्कूल में 12वीं का छात्र था। चारों घनिष्ठ दोस्त थे। घटनास्थल दुमका शहर से महज पांच किलोमीटर दूर है और हरिपुर-बांदो पंचायत में पड़ने वाला यह स्थल मिनी गोवा के नाम से मशहूर है।
जिस जगह पर यह घटना हुई है वहीं, पर सिंचाई विभाग ने एक बीयर का निर्माण कराया है। मयूराक्षी नदी के एक हिस्सा मुफस्सिल थाना क्षेत्र और दूसरा हिस्सा जामा थाना क्षेत्र में विभाजित है। घटना नदी के दूसरे हिस्सा में हुई है। शुक्रवार की दोपहर ढ़ाई बजे तक चारों किशोर का शव बरामद कर लिया गया।
मृतकों की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच है। मृतकों में तीन दुमका के रसिकपुर और एक बक्शीबांध मोहल्ला का रहने वाले था। रसिकपुर के रहने वाले मृतक आर्यन ठाकुर के पिता डॉ. कलानंद ठाकुर संताल परगना कॉलेज में अर्थशास्त्र के व्याख्याता हैं।
मूलत: ये लोग गोड्डा के मालिनी के रहने वाले हैं। जबकि इसी मोहल्ले का रहने वाला आर्यन आनंद ठाकुर के पिता मिथिलेश ठाकुर मुंबई में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। मूलत: ये लोग भी गोड्डा के डाड़ो के रहने वाले हैं। कृष कुमार के पिता उमाकांत ठाकुर बस मालिक हैं और इसकी मां कंचन कुमारी लातेहार जिले में सीएचओ के पद पर हैं।
मृतक आर्यन आनंद, ठाकुर कृष कुमार, आर्यन ठाकुर और कृष्णा सिंह।
वहीं, बक्शीबांध नयापाड़ा का रहने वाला कृष्णा सिंह के पिता का नाम राजकुमार सिंह टोटो चालक हैं। शुक्रवार की सुबह आठ बजे पहला शव नदी में कृष्णा सिंह तैरता हुआ दिखा। उसके बाद नौ बजे दिन से कमारदुधानी और फिर एक बजे मसानजोर से आई गोताखोरों की टीम ने तीनों शव को ढूंढ निकाला।
रेस्क्यू के लिए प्रशासन की ओर से देवघर में एनडीआरएफ को भी सूचना दी गई थी लेकिन एनडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। शव को देखते हुए मौके पर मौजूद स्वजन चीत्कार मार कर रोने लगे। ग्रामीणों की भीड़ गमगीन हो गई। शव बरामद होने के बाद उसे दुमका लाया गया।
शाम के पांच बजे रसिकपुर से निकले थे मिनी गोवा के लिए
घटनास्थल पर मौजूद मृतक कृष कुमार की बहन चैताली ने कहा कि गुरुवार की शाम तीन बजे कृष से उसकी अंतिम बातचीत है। उसने कहा कि उसे ट्यूशन जाना है वह उसे वहां पहुंचा दे। इस पर कृष ने कहा कि उसे अभी कहीं नहीं जाना। वह सोना चाहता है और फिर वह सोने चला गया।
इधर चैताली भी ट्यूशन के लिए चली गई। इसके आधे घंटे बाद ही कृष के तीनों दोस्त उसके घर आए और फिर चारों बाइक पर सवार होकर निकल गए। चैताली ट्यूशन से लौटने के बाद करीब सात बजे कृष को फोन लगाया लेकिन उसका रिंग बजता रहा, फोन रिसिव नहीं हुआ।
इसके बाद उसने उसके दोस्तों के घर फोन लगाकर पूछना शुरु किया तो पता चला कि वे लोग शाम में मिनी गोवा गए हैं। इधर देर शाम होने पर दूसरे लड़कों के स्वजन अपने बच्चों को ढूंढने लगे। इसी दौरान रात के करीब 10 बजे किसी ग्रामीण ने किसी बच्चे का फोन रिसीव कर यह बताया कि पिपरा नदी तट के किनारे फोन व कपड़ा पड़ा हुआ है।
इसके बाद स्वजन में अफरातफरी मच गई और सभी मिनी गोवा पहुंच गए। जामा थाना की पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई लेकिन रात होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया जा सका। अल सुबह जामा थाना के थाना प्रभारी अजीत कुमार कमारदुधानी से गोताखोरों की टीम को लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और शवों का खोजबीन शुरू किया गया। दोपहर में जामा के बीडीओ डॉ. विवेक किशोर भी मौके पर पहुंचे थे।
पुरानी घटनाओं से सीख नहीं लेना बन रहा जानलेवा
मिनी गोवा के नाम से मशहूर हरिपुर-बांदो रमणीक होने के कारण बड़ी लोग यहां तफरीह के ख्याल से आते हैं। हाल के वर्षों में शहर के लोग खासकर युवा यहां बड़ी संख्या में आते हैं। वर्ष 2016 में इसी मिनी गोवा क्षेत्र में नहाने गए छह छात्र डूब गए थे जिसमें पांच का शव बरामद हुआ था।
इसके अलावा भी समय-समय पर इस इलाके में लोगों के डूबने की खबर आती रहती है। ग्रामीणों के स्तर से यहां सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के लिए लगातार मांग की जाती रही है लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कभी कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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