Lok Sabah Elecitons : लोकसभा चुनाव में 2 'नाथों' के सहारे BJP, एक झटके में इन विधानसभा सीटों पर साधा समीकरण
Lok Sabha Elections 2024 झारखंड में भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले की तैयारी में जोर-शोर से जुटी हुई है। इसी क्रम में गुरुवार को भाजपा ने दो नेताओं को उनके समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता दिला दी। कमल के इस कदम को दो नाथों के गढ़ वाली विधानसभा सीटों पर पंजे की टेंशन बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

राजीव, दुमका। दुमका जिले के जरमुंडी विधानसभा क्षेत्र पर बासुकीनाथ तो गोड्डा के पोड़ैयाहाट पर बाबा शुंभेश्वरनाथ की कृपा बरसती है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा के रणनीतिकारों ने न सिर्फ गोड्डा लोकसभा सीट के लिए कील-कांटा दुरुस्त करने की गतिविधियों को तेज कर दिया है।
बल्कि, इसके आसरे इन दोनों विधानसभा सीटों पर भी कमल खिलाने की केमेस्ट्री तैयार करने की मजबूत पहल कर कांग्रेस की टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल, गुरुवार को दुमका के कन्वेंशन सेंटर में जिस अंदाज में पूर्व भाजपाई सीताराम पाठक के अलावा घटवाल-घटवार समुदाय के नेता विश्वनाथ राय को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई है, वह कई मायने में अहम है।
मरांडी की मौजूदगी में हुई घर वापसी
अब यहां सवाल ये है कि सीताराम पाठक और विश्वनाथ राय का पार्टी की सदस्यता लेना क्यों अहम है? दरअसल, सीताराम पाठक पूर्व में गोड्डा के भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के सांसद प्रतिनिधि थे।
पिछले चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण निर्दलीय चुनाव लड़े थे। अब लोकसभा चुनाव के ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में उनकी घर वापसी हुई है।
सीताराम पाठक।
क्या इस वजह से हुई वापसी?
जानकार सूत्र मानते हैं कि सीताराम पाठक की पार्टी में इंट्री से भाजपा ने जरमुंडी ही नहीं पोड़ैयाहाट विधानसभा क्षेत्र को भी साधने की पहल है। भाजपा के रणनीतिकार इस बार पोड़ैयाहाट विधानसभा सीट पर हर हाल में जीत हासिल करना चाहते हैं।
इस सीट पर भाजपा को एक मजबूत प्रत्याशी की भी तलाश है। सूत्रों का कहना है कि सीताराम मूलत: पोड़ैयाहाट विधानसभा के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के शुंभेश्वरनाथ के निकट मोतीहारा गांव के रहने वाले हैं। इस इलाके में उनकी जमीनी पकड़ बताई जाती है।
विश्वनाथ राय।
इन्हें लामबंद करने की पहल
इधर, दूसरी ओर विश्वनाथ राय जरमुंडी से निर्दलीय चुनाव जीत कर विधायक व मंत्री बनने वाले हरिनारायण राय के काफी करीबी रहे हैं। घटवाल समुदाय पर इनकी पकड़ बताई जाती है। जरमुंडी विधानसभा सीट पर भुइयां, घटवाल व खेतोरी वोट बैंक हमेशा से निर्णायक रहा है।
भाजपा ने विश्वनाथ को साधकर इस समुदाय को अपने साथ लामबंद करने की पहल की है। फिलहाल जरमुंडी और पोड़ैयाहाट विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। जरमुंडी से कांग्रेस के विधायक बादल झारखंड के कृषि मंत्री हैं।
भाजपा से झाविमो और अब कांग्रेस के प्रदीप यादव लगातार पोड़ैयाहाट से चुनाव जीत रहे हैं। गोड्डा लोकसभा क्षेत्र की छह विधानसभा सीटों पर गौर किया जाए तो अभी महागठबंधन के पास चार और भाजपा के पास दो सीटें हैं। जबकि भाजपा के डॉ. निशिकांत दुबे लगातार 2009 से सांसद हैं।
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