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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छह हजार रुपये रिश्‍वत लेते सरायढेला थाना का दारोगा गिरफ्तार, बाॅम्‍बे स्‍वीट्स में एसीबी ने जाल बिछाकर दबोचा

By Jagran NewsEdited By: Deepak Kumar Pandey
Published: Mon, 21 Nov 2022 12:19 PM (IST)Updated: Mon, 21 Nov 2022 03:57 PM (IST)

एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो (एसीबी) की टीम ने आज दिन करीब 11 बजे सरायढेला थाना के एक दारोगा को छह हजार ...और पढ़ें

एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

जागरण संवाददाता, धनबाद: एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो (एसीबी) की टीम ने आज दिन करीब 11 बजे सरायढेला थाना के एक दारोगा को छह हजार रुपये रिश्‍वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दारोगा राजेंद्र उरांव केस डायरी लिखने के एवज में यह रुपये मांग रहे थे। भुक्‍तभोगी ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। मामले के सत्‍यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर आरोपित दारोगा को रंगे हाथ दबोच लिया।

2017 के मामले में केस डायरी लिखने के लिए रिश्‍वत मांग रहा था दारोगा

जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब पांच साल पुराना था। 31 अगस्‍त 2017 को दर्ज कराए गए इस मामले में केस डायरी लिखने के लिए आरोपित दारोगा राजेंद्र उरांव बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में रहने वाले प्रदीप पांडेय से 10 हजार रुपये रिश्‍वत मांग रहा था। मूल रूप से गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में रहने वाले भुक्‍तभोगी ने बताया कि उसके खिलाफ सरायढेला थाने में यह शिकायत दर्ज थी। राजेंद्र उरांव को इस मामले में आइओ बनाया गया था। केस डायरी लिखने और थाने से जमानत देने के एवज में दारोगा रिश्‍वत मांग रहा था।

प्रदीप पांडेय ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। आज सुबह एसीबी ने जाल बिछाकर दारोगा को सरायढेला स्थित बॉम्‍बे स्‍वीट्स में बुलाया। दारोगा यहां बिना वर्दी पहुंचा था। इस दौरान उसने जैसे ही पैसे लिये, एसीबी ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपित दारोगा मूल रूप से विशुनपुर गुमला का रहने वाला है। रंगे हाथ पकड़ने के बाद उसे सरायढेला थाना ले जाया गया। मामले में एसीबी ने शिकायतकर्ता प्रदीप पांडेय के आवेदन पर दारोगा के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।