MDM वितरण के दौरान बच्चों ने किया हंगामा, प्रधानाध्यापिका पर कुकिंग कॉस्ट में गड़बड़ी का लगाया आरोप Dhanbad News
लॉकडाइन में भी अभय सुंदरी बालिका विद्यालय ने बच्चों को एमडीएम और कुकिंग कोस्ट की राशि देने के लिए स्कूल में बुला लिया। यहां कुकिंग कॉस्ट में गड़बड़ी को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
धनबाद, जेएनएन। स्कूली बच्चों को पोषक आहार में कमी न हो इसके लिए एमडीएम माेहल्ले और टोलों में बांटने का आदेश दिया गया था। लेकिन, लॉकडाइन में भी अभय सुंदरी बालिका विद्यालय ने बच्चों को एमडीएम और कुकिंग कॉस्ट की राशि देने के लिए स्कूल में ही बुला लिया। शुक्रवार को बच्चे अपने अभिभावक के साथ स्कूल पहुंचे। एमडीएम लेने के बाद जैसे ही कुकिंग कॉस्ट के लिए 92 रुपये दिया जाने लगा। बच्चों और उनके अभिभावकों ने पैसा लेने से इंकार करते हुए हंगामा कर दिया।
अभिभावकों का कहना था कि कुकिंग कॉस्ट की राशि कम दी जा रही है। पहले पांच सौ रुपये देने की बात थी। फिर तीन सौ पर साइन कराया गया। बुधवार को डेढ़ सौ रुपये दिया गया और आज 92 रुपये दिया जा रहा है। वहीं अभिभावकों और बच्चों के हंगामे के बाद स्कूल की प्राचार्या और शिक्षिका ने भी जमकर खरी-खोटी सुनाई। बच्चों और अभिभावकों की भीड़ अव्यवस्थित हो गई, जिससे लाकडाउन की धज्जियां उड़ गई। इस बीच हंगामा बढ़ता देख किसी ने उपायुक्त को फोन पर सूचना दी।
उपायुक्त के आदेश के बाद एसडीएम राज महेश्वरम तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उसके बाद समझा बुझाकार सबसे पहले बच्चों को घर जाने को कहा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को प्रतिदिन 100 ग्राम चावल तथा 4.48 रुपये की दर से कुकिंग कॉस्ट की राशि दी जानी है। इसी तरह कक्षा छह से आठ के बच्चों को प्रतिदिन 150 ग्राम चावल तथा 6.71 रुपये की दर से कुकिंग कॉस्ट मिलना है। अंडा के लिए प्रति अंडा छ: रुपये बच्चों को चार दिनों के लिए दिए जाएंगे। बता दें की बच्चों को सप्ताह में एक दिन अंडा दिया जाता है।
किसे कितना चावल और राशि
- कक्षा - चावल - कुकिंग कॉस्ट - अंडा के लिए राशि
- एक से पांच - 02 किग्रा - 89.60 रुपये - 24 रुपये
- छ: से आठ - 03 किग्रा - 134.20 रुपये - 24 रुपये
- नोट : यह 17 मार्च से 14 अप्रैल तक के लिए है।
एमडीएम वितरण व कुकिंग कॉस्ट की हुई जांच : जिला शिक्षा अधीक्षक इंद्र भूषण सिंह स्कूल पहुंचे और मामले की जांच की। जांच के दौरान उन्होंने पाया कि एमडीएम और कुकिंग कोस्ट वितरण के लिए जो खाता बनाया गया है वह सूचीबद्ध नहीं है। उन्होंने जब स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका से पूछा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों हो गई। प्रधानाध्यापिका ने कहा कि अन्य क्लास शिक्षिकाओं का सहयोग नहीं मिला। वहीं डीएसई ने सूची बनाकर अलग-अलग दिन एक-एक कक्षाओं की छात्राओं के अभिभावक को बुलाकर एमडीएम व कुकिंग कॉस्ट का वितरण करने का निर्देश दिया।
स्कूल में एमडीएम तथा कुकिंग कॉस्ट का वितरण ठीक ढंग से नहीं किया गया, जिसके कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग के वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया हैं। वहीं, प्रभारी प्रधानाध्यापिका सहित पांच शिक्षिकाओं के वेतन रोकने को लेकर कार्रवाई की जाएगी। -इंद्र भूषण सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक।
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