जागरण संवाददाता, चास /धनबाद। धनबाद के कॉर्मेल स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा सुनिधि श्रीवास्तव उर्फ प्राची ने चंदनकियारी के भेलवाटांड़ में गीत का मधुर तराना छेड़कर लोगों को आनंदित कर दिया। गुरुवार को अवसर था स्वामी सहजानंद की प्रतिमा अनावरण का। झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो, पूर्व मंत्री उमाकांत रजक समेत हजारों श्रोताओं के बीच स्वामी सहजानंद पर रचित गीत ‘अन्न वस्त्र उपजाएगा, वहीं कानून बनाएगा.’ कई मायनों में अलग था।

डेढ़ सौ से अधिक वाद्य यंत्रों के साथ हैवी म्यूजिक ट्रैक जो मुंबई में तैयार किया गया था, जिसपर सुनिधि ने पेशेवर पाश्र्वगायक की तरह लाइव गाया तो लगा कि रुपहला पर्दा छोटे से कस्बे में उतर आया है। गीत के बोल व संगीत शेखर श्रीवास्तव के थे। सुदेश महतो ने इस गीत और गायिका की जमकर प्रशंसा की। गीत में व्यवस्था को आईना दिखाया गया है। ‘सोते थे राजा-महाराजा, निकल पड़े सन्यासी.., सेवा को ही वेद मानते, सेवा को ही मथुरा कांशी..गीत के जरिए स्वामी सहजानंद की जीवनी का वर्णन है।

सुनिधि फिल्मी जगत में करियर बनाना चाहती है। वह क्लासिक संगीत के आधुनिक पाश्र्वगायन की बारियां सीख रही है। शेखर श्रीवास्तव ने बताया कि डेढ़ सौ गायकों के ऑडिशन के बाद सुनिधि को चुना है। आनेवाले दिनों में वह अलग आवाज संरचना की पहली गायिका होगी। भेलवाटांड़ में श्रोताओं के अपार स्नेह ने यह साबित कर दिया कि इस छोटी बच्ची प्राची में संगीत की लंबी पारी खेलने की संभावना है। 

बिसाही फिल्म में बिखेरेगी आवाज का जादू

सुनिधि की मधुर आवाज के श्रोता कायल हैं। झारखंड में डायन प्रथा को लेकर बन रही बिसाही फिल्म में उसे अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। इस फिल्म में वह अपनी आवाज का जादू बिखेरेगी। इस फिल्म में वह प्ले बैक सिंगर के रूप में गीत पेश करेगी। सुनिधि के साथ कार्यक्रम में पहुंचे बिसाही फिल्म के निदेशक शेखर श्रीवास्तव ने बताया कि फिल्म में शत प्रतिशत कलाकार झारखंड से लिए गए हैं। यह फिल्म में मुख्यरूप झारखंड की डायन जैसी कुप्रथा को दर्शाया गया है। तीरंदाज दीपिका फिल्म में मुख्य रोल कर रही हैं। फिल्म में महिलाओं के शोषण व अत्याचार के विरोध में आवाज उठाई गई है। डायन बिसाही से कितने घर बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं, उसे दिखाया जाएगा।

सामाजिक सरोकार पर आधारित फिल्म में अबला महिला के चरित्र का चित्रण किया गया है। उनकी वास्तविक जीवन में आधारित संघर्ष को फिल्म के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा। क्रिसटल फिल्म एसोसिएशन व जेडी पिल्म के तहत मनीष सिन्हा इसे निदेर्शित कर रहे हैं। वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोडयुसर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में निर्मित फिल्म झारखंड के लिए खास है। इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में ले जाया जाएगा। 60 से अधिक दिनों में इसकी शूटिंग झारखंड में ही होने वाली है जिसमें राज्य की संस्कृति व विरासत जीवंत रूप से फिल्मांकित होगी। क्रिस्टल फिल्म के सर्वेसर्वा सुदेश भगत अतंरराष्ट्रीय स्तर के निर्माता हैं जिन्हें हिन्दी फिल्मों में प्रयोग के लिए जाना जाता है।

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Posted By: Sachin Mishra

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