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MCL का IPO लाने का रास्ता साफ, कोल इंडिया बेचेगी 10% हिस्सेदारी

Published: Fri, 06 Nov 2026 04:35 PM (IST)

Coal India: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के आईपीओ को मंजूरी दे दी है।

शेयर बाजार में लिस्ट होगी महानदी कोलफील्ड्स। (सांकेतिक फोटो)

शेयर बाजार में लिस्ट होगी महानदी कोलफील्ड्स। (सांकेतिक फोटो)

जागरण संवाददाता, धनबाद। Coal India: कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का रास्ता साफ हो गया है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने छह नवंबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, चार नवंबर 2026 को एमसीएल के प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम से जुड़े प्रारूप दस्तावेजों पर अंतिम टिप्पणियां जारी कर दी हैं। इसके साथ ही कोल इंडिया की एमसीएल में अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना को आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है।

कोल इंडिया अपनी प्रमुख अनुषंगी कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे पहले भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) की सूचीबद्धता हो चुकी है।

अब एमसीएल के बाद साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की प्रस्तावित सूचीबद्धता पर भी नजर है। प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम के तहत कोल इंडिया करीब 66.18 करोड़ इक्विटी शेयर बिक्री प्रस्ताव (ओएफएस) के माध्यम से बेचेगी।

यह एमसीएल की कुल हिस्सेदारी का लगभग 10 प्रतिशत है। इस निर्गम में एमसीएल नए शेयर जारी कर पूंजी नहीं जुटाएगी, बल्कि कोल इंडिया अपनी मौजूदा हिस्सेदारी का एक हिस्सा निवेशकों को बेचेगी। लिहाजा, शेयरों की बिक्री से मिलने वाली पूरी राशि कोल इंडिया को प्राप्त होगी। एमसीएल को सीधे तौर पर कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी।

निवेशकों को क्या होगा लाभ

एमसीएल के सार्वजनिक निर्गम से निवेशकों को कोल इंडिया समूह की एक बड़ी और मुनाफे वाली कोयला उत्पादक कंपनी में सीधे निवेश करने का अवसर मिल सकता है।

अब तक निवेशक कोल इंडिया के शेयर खरीदकर उसकी अनुषंगी कंपनियों के कारोबार में अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी करते थे। एमसीएल की अलग सूचीबद्धता के बाद निवेशक उसके शेयर सीधे खरीद और बेच सकेंगे।

इससे कंपनी के कारोबार, उत्पादन और वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर उसके शेयरों का स्वतंत्र बाजार मूल्य तय होगा। वहीं, कोल इंडिया के मौजूदा शेयरधारकों के लिए भी समूह की अनुषंगी कंपनियों के अलग-अलग मूल्यांकन का लाभ सामने आ सकता है।

हालांकि, सार्वजनिक निर्गम में निवेश से लाभ की कोई गारंटी नहीं है। शेयर का प्रदर्शन निर्गम मूल्य, कंपनी के वित्तीय नतीजों और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

कोल इंडिया की सबसे बड़ी उत्पादक अनुषंगी कंपनी

ओडिशा स्थित एमसीएल की स्थापना 1992 में हुई थी। यह कोल इंडिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक अनुषंगी कंपनी है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 218.31 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था। यह देश के कुल गैर-कोकिंग कोयला उत्पादन का लगभग 22.4 प्रतिशत और कोल इंडिया के कुल उत्पादन का करीब 28 प्रतिशत है।

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