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कोल इंडिया का 815 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य, रफ्तार बढ़ाने बेरमो पहुंचे डीटी अच्युत घटक

Published: Tue, 03 Nov 2026 07:40 PM (IST)

Coal India के तकनीकी निदेशक अच्युत घटक ने देश की कोयला आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने हेतु बेरमो कोयलांचल का निरीक्षण किया।

सीसीएल की ढोरी परियोजना में कोल इंडिया के निदेशक तकनीकी (डीटी) अच्युत घटक। (फोटो जागरण)

सीसीएल की ढोरी परियोजना में कोल इंडिया के निदेशक तकनीकी (डीटी) अच्युत घटक। (फोटो जागरण)

संवाद सहयोगी, फुसरो (बोकारो)। देश की आवश्यकताओं के अनुरूप कोयला उत्पादन की रफ्तार बढ़ाने को कोल इंडिया के निदेशक तकनीकी (डीटी) अच्युत घटक रेस हो गए हैं। उन्होंने सोमवार की देर शाम सीसीएल के ढोरी व बीएंडके प्रक्षेत्र की परियोजनाओं का निरीक्षण किया।

उन्होंने सीसीएल अधिकारियों के साथ विभिन्न कोल पैचों में जाकर उत्पादन, संप्रेषण और सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही माइंस विस्तार की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, अमलो परियोजना में संचालित हाईवाल माइनिंग का अवलोकन कर सीसीएल ढोरी प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार सिंह को कई दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोल इंडिया का कोयला उत्पादन लक्ष्य 815 मिलियन टन है, जिसे सभी अनुषंगी इकाइयों सीसीएल, बीसीसीएल, ईसीएल आदि को हर हाल में पूरा करना है।

वह लगातार विभिन्न खदानों का निरीक्षण कर कोयला उत्पादन की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। खदानों के निरीक्षण के बाद स्थिति के अनुरूप संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोल इंडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। कोल इंडिया हर हाल में इस जिम्मेदारी को पूरा करेगी।

खासमहल-कोनार परियोजना का निरीक्षण करने व्यू प्वाइंट पहुंचे

कोल इंडिया के निदेशक तकनीकी सीसीएल बीएंडके एरिया की खासमहल-कोनार परियोजना का निरीक्षण करने व्यू प्वाइंट पहुंचे। उन्होंने रात लगभग 10:30 बजे तक खासमहल-कोनार परियोजना के विभिन्न कोल पैचों में जाकर माइंस की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने व्यू प्वाइंट से खदान में संचालित कोयला उत्पादन कार्यों का करीब एक घंटे तक अवलोकन किया। उसके बाद रात में ही खदान के अंदर पहुंचकर आउटसोर्सिंग एवं विभागीय पैच में संचालित खनन कार्यों का निरीक्षण किया।

साथ ही सीसीएल अधिकारियों से कोयला उत्पादन, उत्पादकता, उपलब्ध कोयला भंडार और माइंस विस्तार की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने माइंस के नक्शे के माध्यम से वर्तमान खनन कार्यों के साथ ही भविष्य में माइंस विस्तार की संभावनाओं को भी परखा।

उन्होंने खदान में सुरक्षा एवं प्रकाश की व्यवस्था को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। विभागीय पैच में कोयला उत्पादन में लगी मशीनों की संख्या एवं उनकी कार्यक्षमता की जानकारी लेते हुए मशीनों को हमेशा दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।

आउटसोर्सिंग कंपनी की कार्यशैली पर जताई नाराजगी

कोल इंडिया के डीटी घटक ने खासमहल-कोनार परियोजना में संचालित आउटसोर्सिंग कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने की हिदायत दी।

उन्होंने माइंस विस्तार में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने का निर्देश सीसीएल बीएंडके प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार झा को दिया। कहा कि विस्थापितों, रैयतों एवं स्थानीय ग्रामीणों को विश्वास में लेकर आपसी समन्वय के साथ माइंस विस्तार के कार्यों को गति प्रदान करें।

उन्होंने सीसीएल ढोरी एरिया की एएडीओसीएम (अमलो) परियोजना में संचालित हाईवाल माइनिंग का निरीक्षण करने के दौरान कोयला उत्पादन में लगी मशीन को अपनी उपस्थिति में चलवाकर उसकी कार्यक्षमता एवं संचालन व्यवस्था की जांच की।

उन्होंने ढोरी एरिया के महाप्रबंधक राजीव कुमार सिंह एवं अमलो परियोजना के पीओ शैलेश प्रसाद से कोयला उत्पादन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही हाईवाल माइनिंग के माध्यम से निर्धारित उत्पादन लक्ष्य हासिल करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मौके पर सीसीएल के निदेशक तकनीकी अनूप हंजूरा, खासमहल-कोनार परियोजना के पीओ सुमेधा नंदन, एसओ माइनिंग सुधीर सिन्हा, शंकर झा, एसओ ईएंडएम जयशंकर, कार्मिक प्रबंधक तौकीर आलम, सुरक्षा अधिकारी पीएन सिंह, एसओ सिविल मनोज कुमार, मैनेजर संतोष कुमार, सेल्स ऑफिसर राजीव रंजन आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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