एरियर के लिए पीएम से सेल कर्मचारियों-अधिकारियों को बड़ी आस, 500 करोड़ करना होगा भुगतान
सेल में अधिकारी-कर्मचारी का वेतन समझौता एक जनवरी 2017 से दस साल के लिए हुआ है। इस दौरान प्रबंधन कर्मियों को सिर्फ एक अप्रैल 2020 से एरियर का भुगतान की है। जिसके विरोध में विभिन्न श्रमिक संगठनों के साथ अधिकारी संगठन भी एक मंच पर आ गए है।
जागरण संवाददाता, बोकारो। महारत्न कंपनी सेल में अधिकारी-कर्मचारी का वेतन समझौता होने के बाद उनके बकाया एरियर का मामला अब पीएमओ तक पहुंच गया है। पीएसयू अधिकारियों का संगठन नेशनल कनफेडरेशन आफ आफिसर एसोसिएशन ने शनिवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। कहा की सेल की उत्पादन क्षमता 1995 में 14 मिलियन टन थी, उस समय यहां स्थायी कर्मचारी व अधिकारियों की संख्या दो लाख से ज्यादा थी। वर्तमान समय में कंपनी की उत्पादन क्षमता 20 मिलियन टन है और संयंत्रकर्मियों की संख्या घटकर 70 हजार पर आ गई है। बावजूद इसके कंपनी बीते तीन-चार साल से बंपर मुनाफा में है। यही नही कंपनी के स्थापना काल से आज तक सेलकर्मियों के पे रिवीजन के मद में एरियर का भुगतान कभी नही रोका गया। ऐसे में कम मैनपावर के बावजूद कंपनी अपने लाभ का हिस्सा संयंत्रकर्मियों को क्यों नही दे रही है। जबकि सेवानिवृत संयंत्रकर्मियों को उनके पहली किस्त का भुगतान भी अब तक नही किया गया है।
बता दें की सेल में अधिकारी-कर्मचारी का वेतन समझौता एक जनवरी 2017 से दस साल के लिए हुआ है। इस दौरान प्रबंधन कर्मियों को सिर्फ एक अप्रैल 2020 से एरियर का भुगतान की है। जिसके विरोध में विभिन्न श्रमिक संगठनों के साथ अधिकारी संगठन भी एक मंच पर आ गए है।
सेल में अधिकारी व कर्मचारी दोनों के 39 माह का एरियर बकाया है। जिस पर लगभग पांच सौ करोड़ का खर्च है। कंपनी के इतने मुनाफा के बावजूद इतनी छोटी रकम का भुगतान नही करना दुर्भाग्य की बात है। पीएमओ की ओर से यही कोई पहल नही की जाती है तो अब हम न्यायालय के शरण में जाएंगे।
विमल विशी, पूर्व सेफी महासचिव सह सदस्य एनसीओए।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।