जिस राजीव सिंह के भतीजे ने डाला गुंजन ज्वेल्स में डाका, वही वीडियो कॉल पर धमका रहा था मुथूट के मैनेजर को
धनसार में तीन सितंबर को गुंजन ज्वेल्स मामले में हुई लूट और फिर छह सितंबर को बैंक मोड़ में मुथूट में डकैती के प्रयास मामले की गुत्थी एक साथ सुलझती नजर आ रही है। दोनों मामलों का सीधाा कनेक्शन है और वह जुड़ा है पटना में स्थित बेउर जेल से।

जागरण संवाददाता, धनबाद: धनबाद के धनसार में तीन सितंबर को गुंजन ज्वेल्स मामले में हुई लूट और फिर छह सितंबर को बैंक मोड़ में मुथूट में डकैती के प्रयास मामले की गुत्थी एक साथ सुलझती नजर आ रही है। दोनों मामलों का सीधाा कनेक्शन है और वह जुड़ा है पटना में स्थित बेउर जेल से।
ऐसे तो बेउर जेल में कई हार्डकोर अपराधी बंद हैं, पर राजीव कुमार सिंह का नाम उन अपराधियों में आता है, जो अक्सर सोना लूट कांड को ही अंजाम देने में विश्वास रखता है। राजीव कुमार सिंह बेउर जेल में बंद रहते हुए भी झारखंड-बिहार से लेकर बंगाल तक सोना लूट की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। इन तीनों राज्यों में अब तक मुथूट फिनकॉर्प में जितनी भी डकैती हुई है, अधिकतर घटनाओं में राजीव कुमार सिंह का ही नाम आया है। इसी राजीव कुमार सिंह का नाम अब धनबाद की दोनों घटनाओं से भी जुड़ गया है।
मंगलवार को बैंक मोड़ में मुथूट फिनकॉर्प में डकैती के दौरान पकड़ा गया आसिफ गैंग लीडर राजीव का खासमखास है। पुलिसिया पूछताछ के दौरान आसिफ ने स्पष्ट तौर पर पुलिस को बताया है कि पिछले दिनों धनसार में गुंजन जेवेल्स डकैती कांड को अंजाम देने में उसके गैंग लीडर राजीव कुमार सिंह का हाथ है। उस घटना को अंजाम देने के लिए राजीव कुमार सिंह का भतीजा रम्मी कुमार सिंह गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों के साथ धनबाद आया था और घटना को अंजाम देकर यहां से आसानी से निकल गया। उसके बाद ही राजीव ने दूसरी घटना के लिए उन लोगों को (आसिफ और बाकी लोगों को) दोबारा धनबाद भेजा और उन लोगों ने काफी रेकी करने के बाद के बाद बैंकमोड़ मुथूट फिनकाॅर्प में डाका डालने की प्लानिंग की। इस वारदात में शामिल राघव उर्फ गुंजन छह माह पहले ही बेउर जेल से जमानत पर छूटा था। वह बेहतरीन क्रिकेटर भी है। छह माह पूर्व जब वह बेउर जेल के 6 नंबर वार्ड में था, उस दौरान राजीव के सीधे संपर्क में था।
यह सारी बातें गिरफ्तार आसिफ व गुंजन से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चली है। अपराधियों ने यह भी बताया है कि वारदात को अंजाम देने के लिए जब वह लोग धनबाद आए तो गोल्डन नाम के युवक ने उन लोगों को मैथन में किराए के मकान में ठहराया था। वहां से जब वह लोग धनबाद शहर में क्राइम करने का टारगेट लेकर पहुंचे तो यहां शंकर उर्फ रमेश ठाकुर ने उन लोगों को गांधी रोड में किराए पर मकान दिलवाया। शंकर से किशोर सोनी की पुरानी पहचान थी। किशोर सोनी मूल रूप से गोमो का रहने वाला है। आसिफ ने बताया कि शंकर व छोटू समस्तीपुर से ही उसके साथ आए थे। घटना के दिन मुथूट फिनकॉर्प के मैनेजर को वीडियो कॉल कर धमकाने वाला राजीव कुमार सिंह ही था।
इधर, आसिफ के बयान के आधार पर धनबाद पुलिस की एक टीम शंकर उर्फ रमेश ठाकुर तथा छोटू की तलाश में समस्तीपुर में उसके घर समेत कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। हालांकि फिलहाल उनका कोई पता नहीं चल सका है।
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