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संरक्षा पर Railway Board सख्त: एसी में बैठकर नहीं चलेगा काम, अफसरों को सप्ताह में 3 दिन फील्ड में जाना होगा

Published: Fri, 09 Oct 2026 06:17 AM (GMT+05:30)

Railway safety: रेलवे बोर्ड ने संरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत सभी रेल अधिकारियों को सप्ताह में तीन दिन फील्ड में जाकर निरीक्षण करना होगा।

ट्रैक का निरीक्षण करते रेलवे के  संरक्षा अधिकारी। (प्रतीकात्मक फोटो)

ट्रैक का निरीक्षण करते रेलवे के संरक्षा अधिकारी। (प्रतीकात्मक फोटो)

तापस बनर्जी, धनबाद। संरक्षा को लेकर रेलवे बोर्ड सख्त हो गया है। एसी चेंबर में बैठ कर सुपरवाइजर से व्हाट्सएप पर फीडबैक लेने से काम नहीं चलेगा। रेलवे के सभी विभागों के अफसरों को सप्ताह में तीन में स्वयं फील्ड में जाना होगा।

अफसरों को यार्ड, ट्रैक, पाइंट्स, सिग्नल लोकेशन पर खुद जाना होगा। रेलवे बोर्ड चेयरमैन के साथ जीएम और डीआरएम की संरक्षा से जुड़ी वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान रेलवे बोर्ड के डीजी सेफ्टी ने संबंधित निर्देश जारी किया है। अगस्त माह में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग का मिनट्स जारी कर दिया गया है।

कंसल्टेंसी एजेंसी के भरोसे ड्राइंग स्वीकृति नहीं

प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी एजेंसी के भराेसे अब ड्राइंग को मंजूरी नहीं दी जा सकेगी। रेलवे बोर्ड ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी ढांचे की मंजूरी का काम कंसल्टेंसी एजेंसी को नहीं सौंपा जा सकता है।

डिजाइन या ड्राइंग केवल उन अधिकारियों की ओर से मंजूरी दी जानी चाहिए, जिन्हें ड्राइंग आफिस या ड्राइंग स्टाफ का सपोर्ट है। यात्रियों वाले क्षेत्र में किसी भी तरह की वेल्डिंग पर रोक लगा दी गई है।

उन जगहों पर ओवरहेड की वेल्डिंग नहीं की जा सकेगी। प्लेटफार्म पर किसी भी छत, शेड या फुट ओवरब्रिज की संरचना का गिरना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लुब्रिकेशन में चूक से धनबाद मंडल में एसेट फेलियर

रेलवे बोर्ड स्तर की हाई लेवल सेफ्टी बैठक के दौरान धनबाद रेल मंडल में एसेट फेलियर का मामला भी सामने आया। कहा गया कि धनबाद रेल मंडल में एसेट फेलियर के मामले में पाया गया कि लुब्रीकेशन नहीं होने के कारण ऐसा हुआ।

थिक वेब स्विच के साथ बड़ी संख्या में स्विच फिर से लगाये जा रहे हैं। पक्का करें कि इन सभी मामलों में पैकिंग ठीक से कराई गई है। इस पर कड़ी नजर रखने की आवश्यक है।

सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी किया गया कि डीआरएम यह यह पक्का करना चाहिए कि पैरामीटर, पैकिंग और लुब्रीकेशन समेत अन्य सभी कार्य सही ढंग से किये जाएं।

फेंसिंग के बाद भी मवेशियों के रनओवर की हो रही घटनाएं

सेफ्टी बैठक में ट्रेन की चपेट में आकर मवेशियों के मौत पर भी चिंता जाई गई। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक के किनारे फेंसिंग के बाद भी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।

लोगों की आवाजाही वाली जगहों पर जहां फेंसिंग में गैप छोड़ा गया है, उन जगहों पर जानवरों के प्रवेश रोकने के लिए एक और फेंसिंग लेयर लगा जाएं।

मवेशियों के रनओवर की घटना होने पर डीआरएम उसकी जानकारी लें और पता लगाएं कि ऐसा क्यों हुआ।

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