विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM Deoghar Visit: पीएम के सामने भावुक हुए सांसद न‍िश‍िकांत दुबे... साझा की बहन की मौत की कहानी

By Atul SinghEdited By:
Published: Tue, 12 Jul 2022 09:21 PM (IST)

देवघर कालेज मैदान स्थित कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए मंच से अपने संबोधन के दौरान एक घटना का जिक्र करते ...और पढ़ें

भरे गले से उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बहन देवघर कालेज में पढ़ाई करती थी।
भरे गले से उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बहन देवघर कालेज में पढ़ाई करती थी।

जागरण संवाददाता, देवघर : देवघर कालेज मैदान स्थित कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए मंच से अपने संबोधन के दौरान एक घटना का जिक्र करते हुए सांसद डा. निशिकांत दुबे भावुक हो गए। भरे गले से उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बहन देवघर कालेज में पढ़ाई करती थी। दशहरा के समय वे गांव चली गई। वहां बहन के पेट में दर्द हुआ। गांव में रोड नहीं था। डाक्टर नहीं थे। ट्रैक्टर से ले जाते समय उसकी मौत हो गई। लेकिन बहन की जान तो नहीं बचा पाया। कहा कि प्रधानमंत्री ने एम्स दिया।

जब वे एम्स जाते हैं तो वहां सभी में उनकी बहन नजर आती है। इससे पहले सांसद ने कहा कि गरीबों, महिलाओं, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों व मजदूरों के मसीहा का हमारे अभिभावक देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, बिरसा-मुंडा तिलका मांझी का क्षेत्र तो है कि देवघर में महर्षि अरविंद के नाना राजनारायण बोस यहीं मरे।

20 साल तक यहीं रहे। ईश्वर चंद्र विद्यासागर का जीवन यहीं बिता, मर्हिष अरविंद के साथियों ने यहीं बम विस्फोट किया था। रविंद्र नाथ टैगेर यहीं शांति निकेतन की स्थापना करना चाहते थे। उन्होंने दो सौ एकड़ जमीन भी लिया था। कहा कि राम को जैसे केवट मिला, निषाद मिला। सांसद ने कहा कि देवघर कालेज में उनके दो मामा प्रोफेसर थे। एक मामा इमरजेंसी में जेल गए। वे खुद यहीं रहते थे। शिक्षा-दीक्षा यहीं हुई। पिता सिंचाई विभाग में कार्यरत थे। उनको बर्खास्त कर दिया गया।