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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sahibganj-Manihari Ganga Bridge: भारत ने चीन को दिया झटका, एक्स्ट्रा डोज तकनीक से होगा देश के तीसरे सबसे लंबे पुल का निर्माण

By MritunjayEdited By:
Published: Sun, 24 Jan 2021 08:57 AM (IST)Updated: Sun, 24 Jan 2021 05:09 PM (IST)

साहिबगंज में गंगा नदी पर बन रहे पुल को एक्स्ट्रा डोज तकनीक से बनाया जा रहा है। इस तकनीक से ...और पढ़ें

झारखंड के साहिबगंज और बिहार के मनिहारी घाट के बीच गंगा पर प्रस्तावित पुल का प्रारूप।
झारखंड के साहिबगंज और बिहार के मनिहारी घाट के बीच गंगा पर प्रस्तावित पुल का प्रारूप।

साहिबगंज [ डॉ. प्रणेश ]। साहिबगंज में गंगा नदी पर बन रहा पुल लंबाई में भारत का तीसरा सबसे बड़ा पुल होगा। इसकी लंबाई छह किमी होगी। यह झारखंड को बिहार से जोड़ेगा। असम में चार साल पहले बने भूपेन हजारिका सेतु को देश का अभी सबसे बड़ा पुल है। उसकी लंबाई 9.15 किमी हैै। दूसरे स्थान पर 6.2 किलोमीटर लंबाई वाला अरुणाचल प्रदेश का दिबंग रिवर ब्रिज है। साहिबगंज में बन रहे पुल के पिलर का काम फरवरी में शुरू हो जाएगा। इसकी  तैयारी चल रही है। पुल निर्माण का काम साहिबगंज के साथ कटिहार जिले के मनिहारी की तरफ से भी शुरू होगा। दोनों ओर बेस कैंप बन चुका है। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुल का शिलान्यास किया था। चीन की कंपनी ने पुल निर्माण का टेंडर हासिल किया था। बाद में भारत-चीन के बीच तनाव की वजह से उसे रद कर दिया गया। पिछले साल पुन: टेंडर हुआ। दिलीप बिल्कॉन को अब यह काम मिला है।

46 पिलरों पर टिका होगा, जमीन के 70 मीटर अंदर तक रहेगा हर पिलर

साहिबगंज में गंगा नदी पर बन रहे पुल को एक्स्ट्रा डोज तकनीक से बनाया जा रहा है। इस तकनीक से बनने वाला यह देश का सबसे बड़ा पुल होगा। अभी तक बिहार में आरा-छपरा के बीच गंगा नदी में इस तकनीक से बने पुल को सबसे लंबे ब्रिज का दर्जा हासिल है। उसकी लंबाई 1920 मीटर है। दरअसल इस तकनीक में केबल के सहारे पुल के लोड को बैलेंस किया जाता है। इस तकनीक से पुलों के निर्माण का चलन अब दुनिया बढ़ा है। साहिबगंज का पुल 46 पिलर पर टिका होगा। प्रत्येक पिलर धरती के अंदर 70 मीटर नीचे तक होगा। एक पिलर का व्यास गरीब 12 मीटर होगा। दो हजार करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल का निर्माण 30 अक्टूबर 2024 तक पूरा करना है। इसके बाद अगले दस साल तक कंपनी पुल का रखरखाव करेगी। पुल पर चलनेवाले वाहनों से टोल टैक्स भी वसूला जाएगा। इसलिए टोल प्लाजा निर्माण होगा।

उत्तम गुणवत्ता की सामग्री का होगा उपयोग, प्रयोगशाला तैयार

पुल में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता उत्तम होगी। इसके लिए बाकायदा अंबाडीहा मौजा में स्थित कैंप कार्यालय में प्रयोगशाला बन गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से पुल निर्माण पर नजर रखने के लिए तैनात एजेंसी के अधिकारी सामग्री की गुणवत्ता परखेंगे।

साहिबगंज में गंगा नदी पर बनने वाला पुल देश का तीसरा सबसे बड़ा पुल होगा। वहीं एक्स्ट्रा डोज तकनीक से बनने वाले पुलों में यह देश में अब तक का सबसे पुल होगा। अगले माह पुल निर्माण शुरू हो जाएगा। 30 अक्टूबर 2024 तक पुल का निर्माण पूरा करना है।

गोविंद कुमार, प्लानिंग इंजीनियर, दिलीप बिल्डकॉन।