यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Health News: गर्भवती महिलाओं की होगी सिकल सेल एनीमिया की जांच, सिविल सर्जन ने आदेश किए जारी
गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल एनीमिया की जांच अब नियमित रूप से की जाएगी। इसको लेकर मुख्यालय रांची के निर्देश ...और पढ़ें

HighLights
- शरीर के सभी भागों में ऑक्सीजन लाने का काम करते हैं सिकल सेल
- धनबाद के सदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पहले से की है सुविधा
जागरण संवाददाता, धनबाद। जन्मजात मानी जाने वाली सिकल सेल एनीमिया की जांच अब नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं की भी होगी। मुख्यालय रांची के निर्देश पर सिविल सर्जन ने इस संबंध में सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया है।
सभी सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र में आने वाली गर्भवती माता को एंटी नेटल चेकअप में सिकल सेल एनीमिया की जांच भी करनी है। इसके लिए सभी जगह पर जांच की सुविधा शुरू की जा रही है। सदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज दोनों जगह पर जांच की सुविधा पहले से है।
धनबाद में प्रतिवर्ष 84 हजार महिलाएं होती हैं गर्भवती
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की माने तो धनबाद में प्रतिवर्ष 84 हजार महिलाएं गर्भवती होती हैं। इसमें 78000 महिलाएं का सुरक्षित प्रसव हो रहा है। लेकिन इसमें सिकल सेल एनीमिया के भी मामले कई जगहों पर मिले हैं।
राज्य के विभिन्न जिलों में मामले आने के बाद विभाग में जांच का आदेश दिया है। इसे लेकर विभिन्न जगहों पर प्रचार प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया है।
क्या है सिकल सेल एनीमिया
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉक्टर मणि कुमार बताते हैं सिकल सेल एनीमिया वंशानुगत विकारों के एक समूह में से एक है। जिसे सिकल सेल रोग के रूप में जाना जाता है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के आकार को प्रभावित करता है, जो शरीर के सभी भागों में ऑक्सीजन ले जाते हैं।
असल में लाल रक्त कोशिकाएं गोलाकार होती है। लेकिन सिकल सेल में लाल रक्त कोशिकाएं हंसुआ की तरह हो जाती है। इससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त रूप से नहीं होती। इससे मरीज मंदबुद्धि, कमजोर समेत अन्य चीजों से ग्रसित हो जाते हैं।
