शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में बढ़ाई जाए MBBS सीटों की संख्या- सांसद पीएन सिंह ने उठाई आवाज
सांसद पीएन सिंह ने झारखंड के स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर एसएनएमएमसीएच में एमबीबीएस सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कराने का अनुरोध किया है जिसका लाभ आसपास के आठ जिलों की मरीजों को मिलेगा।
जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद के भाजपा सांसद पीएन सिंह ने बुधवार को झारखंड के स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने एसएनएमएमसीएच (शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल) में एमबीबीएस सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कराने में सहयोग करने का अनुरोध किया।
एसएनएमएमसीएच कई जिलों के मरीजों का सहारा
उन्होंने पत्र में लिखा कि शहीद निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय मेरे लोकसभा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण महाविद्यालय है। 1972 से स्थापित यह मेडिकल कालेज झारखंड का दूसरा सबसे पुराना महत्वपूर्ण संस्थान है, जो आसपास के आठ जिलों की मरीजों की जरूरतों को पूरा करता है। राज्य का पुराना महाविद्यालय होने के कारण इसकी आधारभूत संरचनाएं भी अन्य कालेजों से बेहतर है, लेकिन आज भी इसमें एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए मात्र 50 सीटें हैं। जबकि नये खुले संस्थानों में भी 100 सीटों पर पढ़ाई हो रही है।
सीट अधिक होने से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हो सकते हैं शुरू
उन्होंने कहा है कि सीटों की संख्या बढ़ाए जाने से यहां स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी शुरू की जा सकती है। 9 जनवरी को केंद्रीय टीम ने इसका निरीक्षण भी किया था। टीम ने आधारभूत संरचना को लेकर संस्थान की सराहना की थी। लेकिन शिक्षक एंव शिक्षकेतर कर्मियों की कमी पर निराशा जताई इसलिए राज्य सरकार को इस पर ध्यान देते हुए इन कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
सीटों की कमी को दूर करने का नहीं किया जा रहा प्रयास
सांसद ने लिखा कि इसके पहले भी एनएमसी की टीमें इसे लेकर पिछले दो साल में चार बार दौरा कर चुकी है। हर बार इन्हीं कमियों का जिक्र होता है। बावजूद इसके इन कमियों को दूर करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है, जिससे सीटों की बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है।
सीटें बढ़ने पर अस्पताल में बेडाें की संख्या भी बढ़ेगी
सांसद ने लिखा कि 2018 तक यहां 100 सीटों पर पढ़ाई होती थी, लेकिन उसके बाद नेशनल मेडिकल कांउसिंल ने सीटों को फिर से घटा कर 50 कर दिया। इसके लिए एनएमसी ने शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की कमी को प्रमुख वजह बताया। 100 सीटों पर पढ़ाई शुरू होने से अस्पताल में मरीजों के लिए बेडों की संख्या भी बढ़ेगी, जिसका लाभ आठ जिलों के निवासियों की होगा।
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