धनबाद, जेएनएन। हैलो, हैलो ! कोविड 19  अस्पताल...। पीएमसीएच में एक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज मिला है। वायरस की पुष्टि हो गई है, इसे तुरंत कोविड 19 केंद्रीय अस्पताल में शिफ्ट करना है, डॉक्टरों की टीम को तैयार रखिए। यह कहना था पीएमसीएच के डॉक्टर यूके ओझा का। वह कोविड 19  (सेंट्रल अस्पताल) के डॉक्टर से बातचीत कर रहे थे। एंबुलेंस सायरन बजाते हुए पीएमसीएच पहुंची। पीएमसीएच के आइसोलेशन में भर्ती कोरोना मरीज को एंबुलेंस पर रखकर सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया। आगे पीछे डॉक्टरों और कर्मचारियों की फौज जाती रही। हर कोई पीपीई किट में तैयार था।

दरअसल, सेंट्रल अस्पताल को सरकार ने  कोविड 19 अस्पताल घोषित किया है। इसके तहत रविवार को पीएमसीएच और सेंट्रल अस्पताल के डॉक्टरों ने मॉक ड्रिल किया। मॉक ड्रिल के तहत पीएमसीएच से सेंट्रल अस्पताल तक मात्र 15 मिनट में मरीज को ले जाया गया और उसका इलाज शुरू कर दिया गया। मॉक ड्रिल में मुख्य रूप से बीच बीसीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. गोपाल दास, पीएमसीएच के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. यूके ओझा, जिला सदर चिकित्सा प्रभारी डॉ. आलोक विश्वकर्मा, केंद्रीय अस्पताल के प्रभारी डॉ. एके गुप्ता, डब्ल्यूएचओ के डॉक्टर राजन कुमार वर्णमाला आदि  डॉक्टर मौजूद थे।

15 मिनट में पहुंचा सेंट्रल अस्पताल

पीएमसीएच में मरीज को रखकर सेंट्रल अस्पताल सायरन बजाते हुए एंबुलेंस पहुंची। यहां पर सेंट्रल अस्पताल के डॉक्टरों ने एंबुलेंस सहित पूरे मरीज को सैनिटाइज किया। इसके बाद उसे भर्ती कराया गया। आवश्यक इलाज शुरू किया गया। पूरे वॉर्ड को सील कर दिया गया डॉक्टर से लेकर तमाम पारा मेडिकल कर्मी नर्स और सफाईकर्मी पीपीई किट पहन कर तैयार थे। नजारा ऐसा था कि मानो असल में कोरोना संक्रमित मरीज अस्पताल में आ गया है।

तैयारियों पर जताया संतोष

बीसीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद, सिविल सर्जन सहित अन्य पदाधिकारियों ने तैयारियों पर संतोष जताया। सिविल सर्जन डॉ. गोपाल दास ने बताया कि मॉक ड्रिल में अपनी कार्यक्षमता का आंकलन किया जाता है इस दौरान जो कमियां है, उसे पूरी करने की कोशिश की गई उन्होंने संतोषजनक बताया।

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