गैस संकट ने बदला रेलवे पायलट-गार्ड का मेन्यू: थाली से एक सब्जी गायब, अगल से खाना बनवाने पर रोक
रसोई गैस की किल्लत के कारण रेलवे के रनिंग स्टाफ (चालक, सहायक, गार्ड) के लिए रनिंग रूम में भोजन के ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
तापस बनर्जी, धनबाद। धनबाद से पूरी रात ट्रेन चलाकर सुबह पंडित दीनदयाल उपाध्याय डीडीयू या हावड़ा पहुंचे। ड्यूटी ऑफ किया और रनिंग रूम पहुंच गये। रनिंग रूम में अपने साथ नॉन वेज आइटम ले गये। वहां बनवाया और जी भर कर भोजन किया और आराम करने कमरे में चले गये। अब ऐसा नहीं चलेगा।
रसोई गैस की किल्लत के कारण रात जाग कर ट्रेन चलाने वाले चालक, सहायक और गार्ड जैसे रेलवे के रनिंग कर्मचारियों को रनिंग रूम में मनपसंद भोजन नहीं मिल सकेगा।
रनिंग रूम में जो भोजन बनेगा, उसी से परोसा जाएगा। बाहर से राशन लाकर खाना बनवाने, अलग से वेज या नॉन वेज आइटम बनवाने पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
गैस बचाने के लिए लिया गया निर्णय
रेलवे रनिंग कर्मचारियों को सब्सिडी पर भोजन उपलब्ध कराती है। प्रत्येक कर्मचारी को इसके लिए टोकन आवंटित होता है। पर अधिकतर रेलकर्मी सब्सिडी वाले भोजन के बजाय बाहर से राशन और अपनी पसंद का वेज-नॉन वेज आइटम लाकर मेस के कुक को दे देते हैं।
इससे बाहर होने पर भी उन्हें घर जैसा खाना मिल जाता है। पर इससे गैस की खपत बढ़ जाती है। इस वजह से फिलहाल इसे बंद कर दिया गया है।
दो सब्जी नहीं अब चावल-रोटी, दाल और एक सब्जी
धनबाद से ज्यादातर मेल-एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेन लेकर धनबाद के रनिंग कर्मचारी चालक, सहायक चालक व गार्ड डीडीयू तक जाते हैं। वापसी में डीडीयू से ट्रेन लेकर धनबाद आते हैं। धनबाद से हावड़ा तक दर्जनों ट्रेन लेकर धनबाद से रनिंग स्टाफ जाते हैं।
DDU के रनिंग रूम में पहले चावल, रोटी, दाल, चाोखा, चटनी के साथ दो किस्म की सब्जियां परोसी जाती थीं। अब चावल-रोटी, दाल और एक सब्जी ही मिलेगी।
बाहर से राशन, वेज या नॉन वेज आइटम नहीं ला सकेंगे। डीडीयू के रनिंग रूम में इससे जुड़ा नोटिस भी चिपका दिया गया है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एलपीजी समस्या खत्म होने पर पुरानी व्यवस्था पुन: बहाल कर दी जाएगी।
धनबाद में हर दिन 200 कर्मचारियों का भोजन, यहां अब तक बदलाव नहीं
धनबाद के हिल कालोनी स्थित रनिंग रूम में हावड़ा, हटिया समेत अन्य जगहों से आनेवाले रनिंग कर्मचारियों के लिए भोजन बनता है। हर दिन 200 या उससे अधिक रनिंग कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था होती है।
वेज व नॉन वेज के लिए अलग-अलग रसोई है। कैंटीन में भोजन के साथ बाहर से राशन लाकर बनवाने की व्यवस्था भी बरकरार है। यहां फिलहाल मेन्यू में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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