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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sena Strike & Encounter for Nation by Abhinandan: देसी वीडियो गेम 'सेना' लांच, लोकल फॉर वोकल के लिहाज से मील का पत्थर

By Sagar SinghEdited By:
Published: Fri, 30 Oct 2020 05:41 PM (IST)Updated: Sat, 31 Oct 2020 09:45 AM (IST)

वीडियो गेम सेना स्‍ट्राइक इनकाउंटर फॉर नेशन बाई अभिनंदन को लेकर धनबाद सांसद पीएन सिंह ने कहा कि लोकल फॉर ...और पढ़ें

वीडियो गेम 'सेना स्‍ट्राइक इनकाउंटर फॉर नेशन बाई अभिनंदन' का एक दृश्य।
वीडियो गेम 'सेना स्‍ट्राइक इनकाउंटर फॉर नेशन बाई अभिनंदन' का एक दृश्य।

धनबाद, जेएनएन। झारखंड के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के 15 छात्रों का बनाया हुआ देसी कंप्यूटर वीडियो गेम 'सेना' शुक्रवार को विधिवत लांच किया गया। जोड़ाफाटक रोड स्थित इंडस्ट्री एंड कॉमर्स एसोसिएशन के सभागार में सांसद पीएन सिंह ने इस गेम को लांच किया। 15 युवाओं की टीम ने पुलवामा और बालाकोट पर आधारित देसी वीडियो गेम बनाया है, इसे नाम दिया है - सेना स्‍ट्राइक इनकाउंटर फॉर नेशन बाई अभिनंदन। यह विंग कमांडर अभिनंदन के साहसिक कारनामे को समर्पित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्‍मनिर्भर भारत के तहत देसी चीजों को प्रोत्‍साहित करने से प्रेरणा लेते हुए युवाओं ने यह कारनामा कर दिखाया है। बीच बलिहारी पुटकी के रहने वाले इंजीनियरिंग के छात्र दीपेश कुमार ने इस गेम का इजाद किया है। इनके गेम का हीरो भारतीय एयर फोर्स के हीरो विंग कमांडर अभिनंदन हैं। दीपेश गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नाेलॉजी एडवांसमेंट (जीआइटीए) ओडि़शा से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। सांसद पीएन सिंह ने कहा कि लोकल फॉर वोकल के तहत यह गेम मील का पत्थर साबित होगा। छात्रों ने शानदार काम किया है। इससे हमारी युवा पीढ़ी सेना का सम्मान करेगी। देश प्रेम भी बढ़ेगा।

पबजी भूल जाएं, सेना अपनाएं: चार लेवल वाले इस गेम को दीपेश ने अपने 15 इंजीनियरिंग के साथियों के साथ मिलकर बनाया है। ये सभी झारखंड से हैं और विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों से पढ़ाई की रहे हैं। इस गेम में विंग कमांडर दुश्‍मन के गढ़ में घुसकर ठिकानों को ध्‍वस्‍त कर सकुशल लौट आते हैं। गेम की शुरुआत पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्वांजलि से होती है। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत गेम है। दीपेश ने इस गेम को अपने स्टार्टअप गौरवगो टेक्‍नोलॉजी के जरिए लांच किया है। इसे भारत सरकार के माइक्रो, स्‍माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज में रजिस्‍ट्रेशन भी कराया है। कह सकते हैं क‍ि यह मोबाइल गेम पबजी का विकल्‍प है।

23 दिन में बना दिया गेम: गेम बनाने वाले सभी 15 छात्र अलग-अलग काॅलेजों में बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। इन छात्रों ने  पढ़ाई करते गेम बनाना सीखा। 23 दिन में गेम तैयार किया। इस गेम की कहानी बालाकोट में हुए अभिनंदन के एयर स्ट्राइक के ऊपर है। अभिनंदन किस तरह से एयर स्ट्राइक कर रहे थे, जब उनका प्लेन क्रैश हो गया और वो पाकिस्तान में गिर गए। पाकिस्तान का पूरा मैप दिखेगा। यहां अभिनंदन किस तरह से दुश्मनों से लड़ते हैं, इसी पर इस गेम की स्टोरी आगे बढ़ती है। यह गेम हिंदी में है। बेहतरीन ग्राॅफिक्स के साथ गेम अपनेपन की अनुभूति कराती है। सेना पूरी तरह से विंग कमांडर अभिनंदन की दिलेरी और वीरता के निडर कार्यों पर आधारित है।

इन जिलों से आते हैं सेना गेम बनाने वाले 15 छात्र

  • धनबाद : दीपेश गौरव जीआइटीए भुवनेश्वर और रेहाना खातून, विकास कुमार प्रजापति, रागिनी सिंह - सभी आरवीएस इंजीनियरिंग कॉलेज।
  • बोकारो : विकास महतो व अमित कुमार आरवीएस इंजीनियरिंग कॉलेज और प्रहलाद कुमार यूसीईटी हजारीबाग।
  • जमशेदपुर : शिवम कुमार वीआइटी पुणे, श्रेया मिश्रा केआइआइटी भुवनेश्वर, गौतम कुमार यूसीईटी हजारीबाग एवं अविनाश कुमार आरवीएस कॉलेज।
  • रांची : अनमाेल कुमार आरवीएस कॉलेज।
  • रामगढ़ : जतिन सिंह आरवीएस कॉलेज।
  • हजारीबाग : आकाशदीप यूसीईटी हजारीबाग।
  • गढ़वा : नीतिश कुमार यूसीईटी हजारीबाग।