शीला को मारने हथियार लेकर भी नहीं आए थे अपराधी
धनबाद बीसीसीएल की आवासीय कॉलोनी कोयला नगर की सीमा से लगा कुसुम विहार। जिधर जाइए उधर विशाल अहाते में एक से बढ़ कर एक खूबसूरत बंगले। कुसुम विहार में भी सर्वाधिक पॉश जगह पर टेलीफोन एसडीओ रह चुके स्वर्गीय एससीपी सिन्हा का बंगला शीला कुंज है।

जागरण संवाददाता, धनबाद : बीसीसीएल की आवासीय कॉलोनी कोयला नगर की सीमा से लगा कुसुम विहार। जिधर जाइए, उधर विशाल अहाते में एक से बढ़ कर एक खूबसूरत बंगले। कुसुम विहार में भी सर्वाधिक पॉश जगह पर टेलीफोन एसडीओ रह चुके स्वर्गीय एससीपी सिन्हा का बंगला शीला कुंज है। उसी शीला कुंज में टेलीफोन एसडीओ की पत्नी शीला सिन्हा का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। जोर-जोर से बोलने वाली महिला के नाते कुसुम विहार के लोग उन्हें जानते थे। पड़ोस में रहने वाले बीसीसीएल के सेवानिवृत कर्मचारी एस एस प्रसाद जब परिवार के साथ रात्रि भोजन करने जा रहे थे, उसी वक्त शीला सिन्हा की हत्या कर दी गई। उनके हाथ बांधे गए। सर पर वार किया गया। गला दबाया गया। गले पर चाकू से वार किया गया। शीला सिन्हा की आवाज किसी को सुनाई नहीं दी। पुलिस अनुसंधान में यह बात आई कि जिस वक्त हत्या हुई, उस वक्त सारे पड़ोसी जगे हुए थे। किसी ने भी शीला कुंज में किसी को जाते नहीं देखा था, न आवाज सुनाई दी। पुलिस और चौंक गई जब पता चला कि शीला सिन्हा की हत्या उनके घर के किचन के चाकू से की गई। पुलिस ने खून लगा चाकू बरामद भी किया है। मतलब कि शीला सिन्हा को मारने के लिए अपराधी हथियार लेकर नहीं आए थे। पुलिस के कान खड़ा होने की वजह यह भी रही कि प्रथम दृष्टया घर के भीतर का दृश्य डकैती का दिख रहा है। लेकिन, सिर्फ एक कमरे में। घर में दो और कमरे हैं। उनमें भी सामान हैं। आलमीरा तक है। अगर डकैती का इरादा होता तो बाकी कमरों के सामान भी तितर-बितर किए जाते। मृतका के पुत्र समित सिन्हा ने पुलिस को बताया कि घर में अधिकतम 12 हजार रुपये तक नकद था। जेवर नहीं थे। समित के इस बयान ने पुलिस के अनुसंधान को दिशा दी। पुलिस को यकीन है कि यह विशुद्ध डकैती का मसला नहीं है बल्कि असल कहानी कुछ और है। कोरोना काल में लगातार लॉकडाउन में लोगों की सोने की आदत बदली है। अधिकतर लोग देर रात में सो रहे हैं। आम तौर पर रात 12 बजे के बाद। जाहिर है, पेशेवर चोर और डकैत भी यह तथ्य अच्छी तरह जानते होंगे। रात 10 बजे कुसुम विहार के शीला कुंज में डकैती एवं उस दौरान महिला की हत्या की सूचना मिली तो पुलिस सहसा भौचक रह गई। पुलिस क्यों, खुद कोयला नगर एवं कुसुम विहार में रहने वाले लोग आश्चर्यचकित रह गए कि सबके जगे रहते इतना बड़ा कांड हो गया और भनक तक नहीं लगी। पुलिस को भी डकैती की थ्यौरी आसानी से गले नहीं उतर रही थी। एसएसपी असीम विक्रांत मिंज, सिटी एसपी आर राम कुमार और एएसपी स्वर्गीयार ने आधी रात तक दिमाग लगाया। खोजी कुत्ता बुलाया गया। अगले दिन भी खोजी कुत्ता आया। रात में कुत्ता ने गमछा सुंघा था तो दिन में घर के प्रथम तल की ओर जाने वाली सीढि़यों पर कुछ कदम बढ़ा था। वही प्रथम तल जहां शीला सिन्हा के दो किराएदार राजकुमार सिंह और दिलीप कुमार रहते हैं। शीला कुंज के सामने एक अपार्टमेंट है। वहां एक फ्लैट से सीसीटीवी फुटेज भी हासिल इकट्ठा किए गए। मम्मी ने फोन नहीं उठाया तभी मन घबरा गया था शीला सिन्हा के पुत्र समित सिन्हा पटना में रहते हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम में काम करते हैं। मंगलवार की शाम चार बजे वे आए। उन्होंने पुलिस को बताया कि रोज रात में भोजन करने के बाद मम्मी से बात होती थी, नौ से साढ़े नौ बजे के बीच। सोमवार की रात साढ़े नौ बजे के आसपास रोज की तरह उन्होंने मम्मी को कॉल किया। मम्मी ने कॉल रिसीव नहीं किया। वापस कॉल भी नहीं आया। दोबारा कॉल किए तो भी बात नहीं हो पाई। उसी वक्त मन घबरा गया था। सेट्रल जीएसटी के दिलीप कुमार किराएदार हैं। उनके यहां कॉल किया कि नीचे जाकर तनिक मम्मी से बात कराएं। वे लोग नीचे आए तो बताएं कि मुख्य दरवाजा पर ताला लगा हुआ है। उनके घर के बरामदा की ग्रिल खुली हुई है जबकि दरवाजे पर बाहर से ताला लटका हुआ है। उन्हें अनहोनी की आशंका होने लगी थी। दिलीप कुमार से अनुरोध किया कि ताला तोड़ कर दरवाजा खोले। उन लोगों ने ऐसा ही किया। इतना बताते-बताते उनकी आंखें डबडबा गई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके बहन श्वेता सिन्हा की शादी बरमसिया में हुई है। वो फिलहाल अपने पति के साथ छत्तीसगढ़ में है। राजकुमार और पत्नी अपर्णा करते थे निजी फर्म में नौकरी पुलिस अनुसंधान में यह बात आई है कि शीला सिन्हा के आवासीय परिसर में दो किराएदार सपरिवार रहते हैं। नीचे तल में शीला रहती थी तो ऊपर तल पर सेट्रल जीएसटी इंस्पेक्टर दिलीप कुमार और सुरक्षा गार्ड का काम करने वाला राजकुमार सिंह। पूछताछ में राजकुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वो सुरक्षा गार्ड का काम करता है। आजीविका चलाने के लिए कुछ और भी काम करता है। उसकी पत्नी अपर्णा भी निजी फर्म में नौकरी करती है। ::: वर्जन ::: शक है कि इस कांड को अंजाम देने वाले मृतका को जानने वाले हैं। पुलिस को किराएदारों ने बताया कि शीला सिन्हा साढ़े नौ बजे तक आवासीय परिसर में खड़ी दिखी थी। दस बजे तक हत्या कर अपराधी निकल गया। यह पहलू चौंकाने वाला है। ऐसी कई बातें संज्ञान में आई है जो आम तौर पर डकैती की घटना में नहीं होती। सारे पहलुओं को देखा जा रहा है। पुलिस का अनुसंधान सही दिशा में है। जल्द इस कांड का सच सामने आ जाएगा। आर राम कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक, धनबाद
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