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Jharkhand News: कतरास में कोयले का अवैध खनन बना खतरा, ग्रामीणों ने अधिकारियों से लगाई गुहार

Published: Sat, 25 Apr 2026 07:58 PM (IST)

धनबाद के कतरास स्थित सलानपुर बस्ती के ग्रामीणों ने अवैध खनन और भू-धंसान के खतरे के खिलाफ रामकनाली ओपी में ...और पढ़ें

OP को आवेदन देने पहुंचे ग्रामीण। फोटो जागरण

OP को आवेदन देने पहुंचे ग्रामीण। फोटो जागरण

HighLights

  1. सलानपुर ग्रामीणों ने अवैध खनन के खिलाफ रामकनाली ओपी में आवेदन दिया।

  2. गुहीबांध 5 नम्बर सिम बंद खदान में अवैध उत्खनन रोकने की मांग।

  3. भू-धंसान के खतरे से बस्ती, सड़क, मंदिर और आवास असुरक्षित।

जागरण संवाददाता, कतरास। धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र में बढ़ते अवैध खनन और उससे उत्पन्न होने वाले भू-धंसान के खतरों को देखते हुए शनिवार को सलानपुर बस्ती के दर्जनों ग्रामीणों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया।

ग्रामीण एकजुट होकर रामकनाली ओपी पहुंचे और थाना प्रभारी को आवेदन सौंपकर गुहीबांध 5 नम्बर सिम बंद खदान के मुहाने पर चल रहे अवैध उत्खनन को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की मांग की। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यदि इस पर अंकुश नहीं लगा, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

बस्तियों और मुख्य मार्ग पर मंडराया संकट

थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि सलानपुर 5 नम्बर सिम बंद कोलियरी के मुहाने के समीप फिर से अवैध खनन प्रारंभ हो गया है। 

इसके कारण न केवल सलानपुर बस्ती, बल्कि रामकनाली, कैशलपुर, गुहीबांध और पंचगढ़ी बाजार को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी गंभीर खतरे की चपेट में है। ग्रामीणों को डर है कि जिस तरह सोनारडीह में जमीन फटी, वैसा ही मंजर यहां भी देखने को मिल सकता है।

मंदिर और आवास बचाने की मार्मिक अपील

आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने अधिकारियों से गुहार लगाई है कि माफियाओं की इन गतिविधियों से उनके आवास, स्थानीय मंदिर और महत्वपूर्ण सड़कें असुरक्षित हो गई हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन उनके जान-माल और भविष्य की रक्षा के लिए यथाशीघ्र आवश्यक कार्रवाई करें और अवैध मुहानों की भराई सुनिश्चित कराए।

उच्चाधिकारियों तक भेजी गई मामले की गूंज

ग्रामीणों ने इस विषय की गंभीरता को देखते हुए आवेदन की प्रतिलिपि विधायक बाघमारा, उपायुक्त धनबाद, वरीय पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य वरीय. अधिकारियों को भी प्रेषित की है।

आवेदन देने वालों में मुख्य रूप से शम्मु दास, नेपाल चक्रवर्ती, अमित रवानी, सुमारितो चटर्जी, संजय महतो, पिंटू कुम्हार, अंजन सिंह, गोपाल दास और राधेश्याम दास सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।

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