बोकारो, जेएनएन। झारखंड के बोकारो जिले में जो 6.300 किलो ग्राम यूरेनियम बरामद हुआ है वह अमेरिका में निर्मित बताया जाता है। यूरेनियम के पैकेट पर Made in USA लिखा हुआ है। हालांकि इस बारे में बोकारो पुलिस अभी कुछ भी खुलकर नहीं बोल रही है। यह बरामदगी एनआइए के इनपुट के आधार पर बोकारो पुलिस ने की है। एनआइए झारखंड पुलिस के संपर्क में है। माना जा रहा है कि मामले की जांच के लिए जल्द ही एनआइए की एक टीम बोकारो आएगी। पूरी जांच होने के बाद ही इस मामले में बोकारो पुलिस साफ ताैर पर कुछ कह सकती है। दूसरी तरफ बोकारो पुलिस ने पूछताछ करने के बाद सातों आरोपियों को गुरुवार को जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस को कि झारखंड के गिरिडीह जिले के निमियाघाट निवासी मुन्ना उर्फ इशांक की तलाश है। वह तस्करी का लोकल एंजेंट बताया जाता है। उसी ने यूरेनियम को बेचने के लिए दिया था।

4 फरवरी, 2019 को निर्मित, एक्सपायरी डेट 2025

छह किलो तीन सौ ग्राम प्रतिबंधित यूरेनियम के साथ गिरफ्तार कुल सात लोगों को पुलिस ने गुरुवार को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में मंडल कारा चास भेज दिया गया। बरामद यूरेनियम के पैकेट पर मेड इन यूएसए लिखा है। चार फरवरी 2019 को निर्मित और 2025 के तीन जुलाई को एक्सपायरी की तिथि इसपर अंकित है। बोकारो के एसपी चंदन कुमार झा को यूरेनियम की तस्करी की सूचना मिजी थी। इसके बाद एसपी ने आरोपियों को दबोचेने के लिए एक छापेमारी टीम बनाई। इस टीम में मुख्यालय डीएसपी मुकेश कुुमार, सिटी डीएसपी कुलदीप कुमार, हरला थाना इंचार्ज जय गोविंद प्रसाद गुप्ता समेत अन्य थे। छापेमारी टीम यूरेनियम के साथ सात आरोपियों को गिरफ्तार कर ली। पुलिस इस बात की जानकारी नहीं जुटा पाई है कि यूरेनियम कहां से आया था और इसे कहां यूज किया जाना था। पुलिस को गिरिडीह व पुरुलिया के दो तस्कारों की भी तलाश है।

हरला थाना इंचार्ज के बयान पर दर्ज हुई है प्राथमिकी

पूरे मामले में हरला थाना इंचार्ज जय गोविंद प्रसाद गुप्ता के बयान पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज की है। थाना इंचार्ज ने दर्ज रिपोर्ट में बताया है कि दो जून को सूचना मिली कि उनके थाना इलाके में कुछ युवक यूरेनियम की कालाबजारी करने व बेचने की बात कर रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी से यूरेनियम की कालाबाजारी के मामले का खुलासा हो सकता है। इसके बाद कप्तान के निर्देश पर छापेमारी के लिए एक टीम बनाई गई। छापेमारी टीम पुरनाटाड़ रानीपोखर निवासी दीपक कुमार महतो के घर पर पुलिस पहुंची। पुलिस को देखकर दीपक के साथ मौजूद लोग भागने लगे। इन्हें पुलिस खदेड़कर पकड़ी। दीपक के साथ यहां कुल पांच युवकों की गिरफ्तारी हुई। पूछताछ के दौरान इन सभी ने बताया कि उन्हें चास का बापी यूरेनियम का ग्राहक खोजने के लिए कहा था। पुलिस इन सभी के साथ ग्राहक बनकर बापी को खोजने के लिए चास गई। चास में होटल वैभव के पास ग्राहक बनकर आरोपियों के साथ पुलिस पहुंची। 

जेब में येरेनियम का नमूना लेकर आया बापी

गिरफ्तार आरोपित दीपक समेत अन्य के साथ पुलिस पहुंची थी। इसने पुलिस के कहने पर बापी को फोन कर यह कहा कि यूरेनियम का नमूना लेते आओ यहां ग्राहक के साथ वह आया है। बापी बाइक पर आया। इसने अपनी पैंट की जेब से एक छोटा पैकेट निकाला। इसे यूरेनियम इन लोगों ने बताया। पुलिस इसे भी गिरफ्तार कर ली। इसने पुलिस को बताया कि उसे यूरेयिनम का नमूना जरीडीह का अनिल यह कहते दिया है कि ग्राहक खोजकर लाना है। पुलिस इसके बाद अनिल के ठिकाने पर पहुंची।

जरीडीह में मिली सबसे अधिक यूरेनियम

ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस को अनिल ने दो लेदर के पैकेट में नौ-नौ सौ ग्राम का यूरेनियम दिखाया। इसे भी जब पुलिस गिरफ्तार कर पूछताछ की तो इसने बताया कि वह अपने एक परिचित वृद्ध के घर में साढ़े चार किलो यूरेनियम को बोरे में रखा है। पुलिस यहां पहुंचकर इसे जब्त कर ली। अनिल ने पुलिस को बताया कि उसे गिरिडीह के निमियाघाट निवासी मुन्ना उर्फ इशांक ने यूरेनियम को बेचने को दिया था। उसके अलावा पश्चिम बंगाल पुरुलिया के जयपुर सिद्धी निवासी दिनेश महतो को भी वह यूरेनियम बेचने को दिया है। पुलिस इन दोनों को दबोचने के लिए छापेमारी की लेकिन दोनेां फरार होने में कामयाब हो गए।

      इनकी हुई गिरफ्तारी

  1. मेन रोड चास निवासी 44 वर्षीय बापी दा उर्फ बापी चंद्रा
  2. जैनामोड़ फुसरो रोड सब्जी मंडी गली जरीडीह निवासी 28 वर्षीय अनिल सिंह
  3. हरला थाना इलाके के पुरनाटाड़ रानीपोखर निवासी 26 वर्षीय दीपक कुमार महतो
  4. चौफान निवासी 27 वर्षीय पंकज कुमार
  5. चिताही निवासी 37 वर्षीय महावीर महतो उर्फ बलराम महतो
  6. बालीडीह राजेंद्र नगर हैसाबातु निवासी 32 वर्षीय हरेराम शर्मा
  7. चीरा चास वास्तु विहार फेज दो निवासी 26 वर्षीय कृष्ण कांत राणा

दो की तलाश:  इस माले में निमियाघाट गिरिडीह निवासी मुन्ना उर्फ इशांक और सिद्धी जयपुर पुरुलिया पश्चिम बंगाल निवासी दिनेश महतो के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई है। दोनों फरार हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। 

यह हुआ बरामद : दो लाल रंग के लेदर पैकेट में नौ-नौ सौ ग्राम यूरेनियम और प्लास्टिक पैकेट में रखा चार किलो छह सौ किलोग्राम यूरेनियम के अलावा सात मोबाइल और एक बाइक बरामद हुआ।

थाने में कार्बन में लपेटकर रखा जाएगा यूरेनियम

पुलिस का कहना है कि बरामद यूरेनियम को थाने में ही कोर्ट में पेश करने के बाद कार्बन में लपेटकर रखा जाएगा। कार्बन में लपेटने से मानव पर होने वाला कुप्रभाव कम होगा। इस मामले में जानकारों की भी राय ली जाएगी और आगे जानकारी मिलने पर इसे और सुरक्षित तरीके से रखा जाएगा।

मूझे गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी यहां प्रतिबंधित मिनिरल यूरेनियम की तस्करी में लगे हैं। इसके लिए यह लोग ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। इन्हें दबोचने के लिए एक छापेमारी टीम बनाई गई। संदिग्ध यूरेनियम बरामद कर पुलिस सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजी है। बरामद यूरेनियम की तकनीकी तौर पर जांच की जाएगी। फिलहाल इस मामले की पुलिस जांच कर रही है कि यह लोग यूरेनियम कहां से आए थे और किसे किस यूज के लिए बेचते। पूरे मामले की जांच में एनआइए समेत दूसरी एजेंसियों की जरूरत पड़ने पर पुलिस मदद लेगी। आरोपियों को यूरेनियम सप्लाई करने वाले की भी तलाश पुलिस को है।

-चंदन कुमार झा, एसपी बोकारो।

Edited By: Mritunjay