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झारखंड में डॉक्टरों का ज्वाइंट मेडिकल मूवमेंट, 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

Published: Thu, 15 Oct 2026 10:36 AM (IST)

झारखंड के 10 प्रमुख स्वास्थ्य संगठनों ने 'ज्वाइंट मेडिकल मूवमेंट' के तहत सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान ...और पढ़ें

धनबाद क्लब में IMA Jharkhand के अध्यक्ष डा. एके सिंह और अन्य चिकित्सक। (फोटो जागरण)

धनबाद क्लब में IMA Jharkhand के अध्यक्ष डा. एके सिंह और अन्य चिकित्सक। (फोटो जागरण)

जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड के 10 प्रमुख स्वास्थ्य संगठनों ने एकजुट होकर ज्वाइंट मेडिकल मूवमेंटकी शुरुआत की है, जिसके बाद चिकित्सक अब सरकार के खिलाफ आर-पार के मूड में आ गए हैं।

धनबाद क्लब में आयोजित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष डा. एके सिंह ने राज्य सरकार को चरणबद्ध आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी।

कहा कि यह लड़ाई सिर्फ डाक्टरों की नहीं, बल्कि राज्य के मरीजों को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा दिलाने के लिए है। इस महाआंदोलन में आएएम के साथ एएचपीआई, झासा, फाइमा, आइडीए समेत कुल 10 संगठन एक मंच पर आए हैं। बुधवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के माैके पर सचिव डा. राकेश इंदर, डा. प्रणय पूर्वे आदि मौजूद थे।

संगठनों की 6 सूत्रीय प्रमुख मांगें

-डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को सख्ती से लागू करना।
-क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन कर अस्पतालों को राहत देना।
-आयुष्मान भारत योजना के तहत समय पर प्री-अप्रूवल, उचित पैकेज और बकाया भुगतान सुनिश्चित करना।
-सरकारी अस्पतालों में खाली पदों पर नियमित भर्ती करना।
-मेडिकल छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान।
-लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम लागू करना।

आंदोलन का पूरा शेड्यूल

-13 से 20 अक्टूबर: डाक्टर काली पट्टी (ब्लैक बैज) बांधकर विरोध
-14 अक्टूबर: प्रेस कान्फ्रेंस के बाद उपायुक्त को ज्ञापन
-15 से 20 अक्टूबर : जिलों में बैनर-पोस्टर, नुक्कड़ नाटक और जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
-21 अक्टूबर : एक दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
-22 अक्टूबर से: मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू होगा (हालांकि इस दौरान आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी)।

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