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नेमरा में मुलाकातें, धनबाद-झरिया में सियासी चर्चाएं तेज; क्या हैं इसके मायने?

Published: Wed, 14 Oct 2026 07:31 PM (IST)

Nemra Visits Trigger Political Buzz in Dhanbad: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन पर नेमरा में शोक ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ इंदु देवी, आशनी सिंह, संजीव सिंह, रागिनी सिंह व कल्पना सोरेन के साथ पूर्णिमा नीरज सिंह।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ इंदु देवी, आशनी सिंह, संजीव सिंह, रागिनी सिंह व कल्पना सोरेन के साथ पूर्णिमा नीरज सिंह।

HighLights

  1. शोक संवेदना के लिए नेमरा में नेताओं का जमावड़ा।

  2. धनबाद-झरिया की सियासत में नई हलचल।

  3. पारिवारिक रिश्तों और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का संगम।

मृत्युंजय पाठक, धनबाद। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन की पत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन के बाद शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए राज्यभर से लोग रामगढ़ जिले के नेमरा पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में झरिया की विधायक रागिनी सिंह अपने पति धनबाद के मेयर संजीव सिंह के साथ,  झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह तथा धनबाद की पूर्व मेयर इंदु देवी अपनी पुत्रवधू आशनी सिंह के साथ नेमरा पहुंचीं।

इन मुलाकातों को सामान्य शिष्टाचार के साथ-साथ धनबाद-झरिया की सियासत के नजरिये से भी देखा जा रहा है। झरिया की राजनीति में कभी एक परिवार का हिस्सा रहीं तीन गोतनियों (रागिनी, पूर्णिमा और आशनी) की अलग-अलग सियासी राहें होने के कारण नेमरा का दौरा चर्चा का विषय है। 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी माता के श्राद्ध कार्यक्रम के सिलसिले में पैतृक गांव में हैं। यहां पहुंच रहे लोग मुख्यमंत्री और उनके परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में धनबाद के मेयर संजीव सिंह अपनी पत्नी रागिनी सिंह के साथ नेमरा पहुंचे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी।

जिस दिन संजीव सिंह और रागिनी सिंह नेमरा पहुंचे, उसी दिन धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की पत्नी और झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह भी वहां पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। वहीं, मंगलवार को धनबाद की पूर्व मेयर इंदु देवी अपनी पुत्रवधू आशनी सिंह के साथ नेमरा पहुंचीं और रूपी सोरेन के निधन पर शोक जताया।

शिष्टाचार मुलाकात या सियासी संकेत?

मुख्यमंत्री की माता के निधन पर शोक व्यक्त करना एक सामान्य सामाजिक और राजनीतिक शिष्टाचार है। ऐसे मौके पर दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर संवेदना व्यक्त करना स्वाभाविक है। लेकिन धनबाद-झरिया की राजनीति के संदर्भ में इन मुलाकातों को देखें तो इनके सियासी मायने भी तलाशे जाने लगे हैं। इसकी वजह है इन नेताओं के बीच पारिवारिक रिश्तों का इतिहास, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और बदलते समीकरण।

रागिनी सिंह, पूर्णिमा नीरज सिंह और आशनी सिंह एक ही परिवार की बहुएं हैं और रिश्ते में गोतनी लगती हैं। हालांकि, समय के साथ परिवार के रिश्तों में दूरी आई और राजनीति की राहें भी अलग हो गईं। पूर्णिमा नीरज सिंह के पति नीरज सिंह की हत्या के मामले में संजीव सिंह आरोपी बनाए गए थे। हालांकि, बाद में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।

इसके बाद झरिया की राजनीति में दोनों परिवारों के बीच प्रतिद्वंद्विता लगातार चर्चा में रही। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रागिनी सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी पूर्णिमा नीरज सिंह को पराजित कर झरिया सीट पर जीत दर्ज की। पूर्णिमा कांग्रेस में हैं, जबकि रागिनी भाजपा की विधायक हैं। झामुमो और कांग्रेस राज्य में गठबंधन के सहयोगी हैं। ऐसे में पूर्णिमा की मुख्यमंत्री से मुलाकात को राजनीतिक रूप से अस्वाभाविक नहीं माना जा रहा है।

नेमरा की यह मुलाकात कुछ तो कहती है...

संजीव सिंह और रागिनी सिंह की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात को भी इसी राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। पहली नजर में यह शोक की घड़ी में संवेदना व्यक्त करने के लिए की गई शिष्टाचार मुलाकात है। लेकिन इसके पीछे भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर संभावनाएं भी तलाश की जा रही हैं।

रागिनी सिंह भाजपा की विधायक हैं। संजीव सिंह भी भाजपा के टिकट पर झरिया से विधायक रह चुके हैं। हालांकि, धनबाद नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ संजीव सिंह के मैदान में उतरने के बाद उनके और भाजपा के बीच रिश्तों को लेकर सवाल उठे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में संजीव सिंह और रागिनी सिंह के भाजपा नेतृत्व के साथ रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनकी मुलाकात को राजनीतिक संपर्क बनाए रखने की संभावित कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस मुलाकात के आधार पर किसी नए राजनीतिक गठजोड़ या भविष्य की रणनीति के बारे में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

इंदु देवी और आशनी सिंह की भी सियासी सक्रियता

धनबाद की पूर्व मेयर इंदु देवी और उनकी पुत्रवधू आशनी सिंह की नेमरा यात्रा भी चर्चा से अलग नहीं है। इंदु देवी, संजीव सिंह की चाची हैं। उनके पति रामधीर सिंह विनोद सिंह हत्याकांड में दोषसिद्धि के बाद होटवार जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

दूसरी ओर, आशनी सिंह के पति शशि सिंह का नाम कोयला कारोबारी सुरेश सिंह हत्याकांड में सामने आया था और वह इस मामले में फरार बताए जाते हैं। आशनी सिंह धनबाद-झरिया की राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में उनकी गतिविधियों को भी क्षेत्र के भावी राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में देखा जा रहा है।

धनबाद लोकसभा और झरिया विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन स्थानीय राजनीति में संभावित दावेदारों की सक्रियता और नेताओं के बीच संपर्कों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल नेमरा में हुई मुलाकातों को राजनीतिक रणनीति का नाम देना जल्दबाजी होगी, लेकिन इनसे जुड़े पारिवारिक और राजनीतिक समीकरणों ने चर्चा जरूर छेड़ दी है।

एक ही परिवार की तीन गोतनियों की अलग-अलग राजनीतिक राहें, भाजपा और कांग्रेस से उनके जुड़ाव तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकातों ने धनबाद-झरिया की सियासत को दिलचस्प बना दिया है। अब देखना होगा कि ये मुलाकातें महज शोक संवेदना तक सीमित रहती हैं या आने वाले दिनों में क्षेत्र की राजनीति में कोई नया मोड़ भी देखने को मिलता है।

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