जागरण संवाददाता, धनबाद: धनबाद के प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) डेलिगेट में शहरी क्षेत्र के पदाधिकारियों को भरपूर जगह मिली है। वहीं ग्रामीण इलाकों के कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया है। कई कार्यकर्ता ऐसे भी थे, जो अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे, लेकिन उन्हें भी नजरअंदाज कर दिया गया।

इस संबंध में वरिष्ठ कांग्रेसी श्रीराम चाैरसिया और संजय जायसवाल द्वारा इंटरनेट मीडिया पर किए गए पोस्ट के बाद पीसीसी डेलिगेट में भूचाल आया हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ता तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। इनमें से कई लोगों का कहना है कि ग्रामीण कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। पीसीसी डेलिगेट में दुर्गा दास, जलेश्वर महतो और विजय सिंह ही कुछ क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते नजर आ रहे हैं। धनबाद, तोपचांची, बलियापुर, टुंडी प्रखंड, सिंदरी-केंदुआ से किसी को भी जगह नहीं मिली है, जबकि सिंदरी-केंदुआ को मिलाकर एक डेलिगेट सदस्य बनाया जाना चाहिए।

कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि पूर्व मंत्री मन्नान मलिक भी डेलिगेट रहे हैं, उनके जैसे वरीय कांग्रेसी की भी अनदेखी हुई है। अजय दुबे को डेलिगेट में शामिल किया गया है, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद अजय दुबे आज तक धनबाद में नहीं दिखे, फिर किस आधार पर इन्हें जगह मिली?

इंटरनेट मीडिया पर उभरे विरोध के स्वर

संजय जायसवाल लिखते हैं कि सारे पदों को एक गिराेह में केंद्रित कर दिया गया है। कांग्रेस में दूरदर्शिता और रणनीति का अभाव हो गया है। प्रदेश डेलिगेट बनाने में तोपचांची, बलियापुर, टुंडी, सिंदरी, केंदुआ, करकेंद, धनबाद प्रखंड के कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। ऐसे लोग भी प्रतिनिधि बन गए हैं, जिन्हें कार्यकर्ताओं ने वर्षों से देखा तक नहीं है। प्रीतम रवानी ने लिखा है कि पद पाने वाले कुछ नेता अपनी गाड़ी में माला और गुलदस्ता लेकर घूमते हैं। ये माला कार्यकर्ताओं को देकर फोटो खींचवाते हैं और आलाकमान को भेज जताते हैं कि उनके साथ कार्यकर्ता हैं।

फिर कांग्रेस को डुबोने का भरपूर इंतजाम

श्रीराम चौरसिया लिखते हैं कि पुन: कांग्रेस को डुबोने का भरपूर इंतजाम प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किया जा रहा है। धनबाद विधानसभा की उपजाऊ जमीन से पीसीसी डेलिगेट में प्रतिनिधित्व जीरो है। अवधेश पासवान ने लिखा कि कम से कम धनबाद प्रखंड क्षेत्र से ही डेलिगेट होना चाहिए था। शुभ्रा बरन तिवारी ने लिखा है कुछ गिने चुने नेताओं का ही धनबाद कांग्रेस रह गया है। अब हम लाेग जैसे कार्यकर्ताओं की पार्टी को जरूरत नहीं। प्रभात सुरोलिया लिखते हैं कि जोधपुर में पार्टी के चिंतन शिविर में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत की बात हुई थी। धनबाद में पार्टी के शीर्ष पद पर बैठे ही इसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं।

Edited By: Deepak Kumar Pandey

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