अब सरकारी क्वॉर्टर से बाहर रहने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई, मरीजों को 24 घंटा चिकित्सकीय सेवा दिलाना है मकसद
मरीजों को 24 घंटा चिकित्सकीय सेवा मिले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सिविल सर्जन ने आदेश दिया है कि प्रभारी चिकित्सा और मेडिकल अफसर को प्रखंड में ही रहना होगा। सरकारी क्वार्टर से बाहर रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ मुख्यालय रांची को सूचित किया जाएगा। इनका आवासीय भत्ता बंदकिया जाएगा। सरकार का भी आदेश है कि डॉक्टरों को सरकारी क्वार्टर में रहना है।

जागरण संवाददाता, धनबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक को प्रखंड के आवासीय परिसर में ही रहना होगा। उनके साथ प्रखंड में सेवा देने वाले मेडिकल अफसर को भी प्रखंड परिसर स्थित सरकारी क्वाॅर्टर में रहना होगा।
क्वॉर्टर में नहीं रहने वालों का आवासीस भत्ता बंद
सरकारी क्वाॅर्टर से बाहर रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ मुख्यालय रांची को सूचित किया जाएगा। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर चंद्रभानु प्रतापन ने आदेश जारी करके सभी प्रभारी चिकित्सकों को निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटा चले, इसके लिए चिकित्सकों को प्रखंड परिसर स्थित क्वाॅर्टर में रहना होगा। वैसे डॉक्टर की आवासीय भत्ता बंद किया जाएगा, जो आवासीय परिसर में नहीं रह रहे हैं।
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चिकित्सा लेते हैं आवासीय भत्ता, सरकारी क्वार्टर में नहीं रहते
धनबाद में फिलहाल आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जबकि 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां पर डॉक्टर और मेडिकल अफसर के लिए अलग-अलग क्वाॅर्टर भी बनाए गए हैं। लेकिन प्रखंड परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में प्रभारी अथवा मेडिकल अफसर नहीं रहते हैं।
अधिकांश चिकित्सा प्रखंड मुख्यालय से काफी दूर शहर में रहते हैं। यहीं से हर दिन आना-जाना करते हैं। ऐसे में मरीजों को 24 घंटा सेवा नहीं मिल पाती है।
पिछले दिनों इसे लेकर तोपचांची के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जमकर हंगामा भी हुआ। ऐसे में सरकार का भी आदेश है कि डॉक्टरों को सरकारी क्वाॅर्टर में ही रहना है
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