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IIT (ISM) को बड़ी सफलता, लिथियम आयन बैटरी की गर्मी नियंत्रित करने वाली तकनीक को मिला पेटेंट

Published: Fri, 06 Nov 2026 05:50 PM (IST)

IIT ISM Dhanbad के शोध दल ने लिथियम आयन बैटरियों की सुरक्षा और प्रदर्शन सुधारने के लिए एक नई ताप ...और पढ़ें

IIT ISM Dhanbad के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. तन्मय दत्ता। (फाइल फोटो)

IIT ISM Dhanbad के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. तन्मय दत्ता। (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, धनबाद। इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम आयन बैटरियों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और बेहतर प्रदर्शन वाला बनाने की दिशा में आइआइटी आइएसएम के शोध दल को बड़ी सफलता मिली है।

संस्थान की ओर से विकसित बैटरियों की गर्मी नियंत्रित करने वाली एक नई तकनीक को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने पेटेंट प्रदान किया है। इस आविष्कार का उद्देश्य बैटरी के भीतर पैदा होने वाली गर्मी को प्रभावी ढंग से बाहर निकालना और सभी बैटरी खंडों का तापमान लगभग समान बनाए रखना है।

चालन और संवहन के संयुक्त उपयोग से लिथियम आयन बैटरी समूह के लिए वायु आधारित ताप प्रबंधन प्रणाली नामक इस आविष्कार का आवेदन 10 जून 2024 को किया गया था और 4 नवंबर 2026 को पेटेंट प्रदान किया गया।

इस शोध दल में शोधार्थी राम बाबू गुप्ता, देवेश कुमार, राहुल रंजन और यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. तन्मय दत्ता शामिल हैं।

दरअसल, इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम आयन बैटरियां चार्ज होने और ऊर्जा देने के दौरान गर्मी पैदा करती हैं। यदि इस गर्मी को समय पर बाहर नहीं निकाला जाए तो बैटरी का तापमान काफी बढ़ सकता है।

साथ ही, बैटरी के अलग-अलग खंडों का तापमान भी एक समान नहीं रहता। इससे बैटरी की कार्यक्षमता और उम्र प्रभावित होती है। अत्यधिक गर्मी की स्थिति में आग लगने जैसी गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए शोध दल ने गर्मी को बाहर निकालने के दो तरीकों को एक साथ जोड़ा है।

इसमें विशेष रूप से लगाए गए एल्यूमिनियम के हिस्से बैटरी से गर्मी को अपने भीतर लेते हैं, जबकि हवा के प्रवाह की मदद से इस गर्मी को बैटरी समूह से बाहर निकाल दिया जाता है। इस संयुक्त व्यवस्था से बैटरी का अधिकतम तापमान कम रखने और उसके सभी खंडों में तापमान का अंतर घटाने में मदद मिलती है।

इस उपलब्धि पर शोध दल के प्रमुख सदस्य राम बाबू गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे में बैटरियों की सुरक्षा तथा उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

हमारा प्रयास एक ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जो बैटरी की गर्मी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के साथ ही कम खर्चीली, हल्की, छोटी और बनाने में आसान हो। हमें उम्मीद है कि यह तकनीक भविष्य में अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बैटरी व्यवस्था विकसित करने में उपयोगी साबित होगी।

इस आविष्कार की खासियत इसकी सरल बनावट, कम लागत और निर्माण में आसानी है। इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यह तकनीक भविष्य में बैटरियों की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है।

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