IIT ISM Dhanbad की नई रासायनिक तकनीक को पेटेंट, दवा अनुसंधान में खुलेंगे नए रास्ते
IIT ISM Dhanbad Patent: आइआइटी आइएसएम धनबाद के शोधकर्ताओं ने एक नई रासायनिक विधि विकसित की है, जिसे भारत सरकार ...और पढ़ें

आइआइटी आइएसएम धनबाद के शोध को पेटेंट। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
आइआइटी आइएसएम ने नई रासायनिक विधि विकसित की।
भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने इसे पेटेंट दिया।
दृश्य प्रकाश से यौगिक निर्माण, दवा शोध में सहायक।
जागरण संवाददाता, धनबाद। आइआइटी आइएसएम धनबाद के शोधकर्ताओं ने एक नई रासायनिक विधि विकसित की है। इसकी सहायता से महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिक तैयार किए जा सकते हैं। इस शोध के लिए भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने संस्थान को पेटेंट प्रदान किया है।
इस तकनीक में दृश्य प्रकाश की मदद से रासायनिक प्रतिक्रिया कराई जाती है। यह शोध भविष्य में दवा अनुसंधान और दूसरे उपयोगी रासायनिक पदार्थों के विकास के लिए नए रास्ते खोल सकता है।
इस शोध के आविष्कारकों में केमिस्ट्री एंड केमिकल बायोलाजी विभाग के डा.सौमित्र मैती और प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के रिसर्च स्कालर पार्थ प्रतिम मंडल हैं। शोध का मुख्य उद्देश्य बीटा-अमीनो एल्डिहाइड नामक रासायनिक यौगिकों को तैयार करने का एक बेहतर तरीका विकसित करना है।
ये यौगिक दूसरे उपयोगी रासायनिक पदार्थों को बनाने में शुरुआती सामग्री के रूप में काम आते हैं। इनकी मदद से गामा-अमीनो अल्कोहल और बीटा-अमीनो एसिड जैसे यौगिक तैयार किए जा सकते हैं, जिनका अध्ययन औषधीय रसायन विज्ञान और अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों में किया जाता है।
इस विधि में एल्कीन नामक शुरुआती रासायनिक पदार्थों पर दृश्य प्रकाश की मदद से प्रतिक्रिया कराई जाती है। इस दौरान दो जरूरी रासायनिक घटक एक साथ जुड़ते हैं, जिससे बीटा-अमीनो एल्डिहाइड तैयार करने का रास्ता मिलता है।
आसान शब्दों में कहें तो यह तकनीक वैज्ञानिकों को उपयोगी रासायनिक अणुओं को तैयार करने का एक नया तरीका देती है, जिसमें दृश्य प्रकाश की अहम भूमिका है।
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