IIT ISM Dhanbad में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगी डोनर छात्रवृत्ति, पूरी फीस माफ
आईआईटी आईएसएम धनबाद ने आर्थिक रूप से कमजोर 100 छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस माफ करने का निर्णय लिया है। ...और पढ़ें

आइआइटी आइएसएम में खड़े छात्र-छात्रा। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। आइआइटी आइएसएम आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शैक्षणिक यात्रा में उनका सहयोग करने शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने का निर्णय लिया ताकि आर्थिक तंगी प्रतिभाशाली छात्रों की राह में बाधा न बने।
संस्थान कई तरह के वित्तीय सहायता कार्यक्रम चला रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत देने जा रहा है। संस्थान अब एक से पांच लाख रुपये तक की सालाना पारिवारिक आय वाले 100 विद्यार्थियों की पूरी ट्यूशन फीस माफ करेगा।
इस संबंध में शुक्रवार को हुई बोर्ड आफ गवर्नर्स (बीओजी) की बैठक में निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब पूर्ववर्ती छात्रों के दान से एंडोमेंट फंड बनाया जाएगा जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की पढ़ाई में सहायता की जाएगी।
सरकार की छूट के बाद बची राशि भी संस्थान भरेगा
फिलहार इस आय वर्ग के विद्यार्थियों का शिक्षण शुल्क का दो-तिहाई हिस्सा केंद्र सरकार की ओर से वहन किया जाता है। शेष एक-तिहाई राशि विद्यार्थियों और उनके परिवारों को जमा करनी पड़ती है।
नई व्यवस्था के तहत अब यह राशि भी विद्यार्थियों को नहीं देनी होगी। संस्थान के पूर्व छात्रों से प्राप्त आर्थिक सहयोग से एंडोमेंट फंड तैयार किया जाएगा। इसी फंड से बची हुई एक-तिहाई फीस का भुगतान किया जाएगा। इस तरह पात्र विद्यार्थियों की पूर शिक्षण शुल्क माफ हो जाएगा।
अलुमनी के सहयोग से चलेगी योजना
आइआइटी आइएसएम इस योजना को संस्थान के पूर्व छात्रों से मिलने वाले डोनेशन के माध्यम से संचालित करेगा। इसके लिए एक अलग एंडोमेंट फंड बनाया जाएगा।
फंड में जमा राशि का इस्तेमाल पात्र विद्यार्थियों की फीस भरने में किया जाएगा। इससे आर्थिक स्थिति के कारण उच्च शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों पर पड़ने वाला वित्तीय दबाव कम होगा।
आइआइटी बाम्बे और मद्रास में भी ऐसी पहल
कम आय वाले विद्यार्थियों की फीस में इसी तरह की सहायता आइआइटी बाम्बे और आइआइटी मद्रास में पहले से दी जा रही है।
इन संस्थानों में एक से पांच लाख रुपये तक की पारिवारिक आय वाले पात्र बीटेक विद्यार्थियों को सरकारी फीस छूट के बाद बची राशि के लिए अलुमनी और सीएसआर सहयोग से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
बीओजी ने दी मंजूरी
बीओजी के निर्णय की जानकारी संस्थान के रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय ने दी। बैठक की अध्यक्षता बीओजी के चेयरमैन प्रो. प्रेम व्रत ने की। बैठक में निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे।
