Goswami Caste को झारखंड में मिल सकता ओबीसी का दर्जा, लंबे समय से हो रही मांग
डॉ. राजाराम महतो ने बताया कि गोसाईं गिरी समेत इस जाति के अन्य लोग पहले से ही पिछड़ी जाति में शामिल हैं। इस जाति वर्ग में केवल गोस्वामी जाति के लोग बाहर हैं। समाज के लोगों ने सरकार को आवेदन देकर पिछड़ी जाति में शामिल करने का आग्रह किया था।

धनबाद, जेएनएन। यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही झारखंड राज्य में गोस्वामी जाति के लोगों को पिछड़ा वर्ग का दर्जा मिल सकता है। गोस्वामी जाति को पिछड़े वर्ग में शामिल करने को लेकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की 3 सदस्य टीम 2 दिनों के धनबाद दौरे पर आई हुई है। टीम ने गोसाईडीह और कल्याणपुर गांव का दौरा किया। इस दौरान गोस्वामी जाति के लोगों से मुलाकात की और उनकी राय जानने का प्रयास किया। टीम में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य डॉ. राजाराम महतो, राजेंद्र प्रसाद और कल्पना प्रसाद शामिल है। आयोग झारखंड के विभिन्न जिलों में जाकर गोस्वामी जाति की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन कर रही है। इसी आधार पर पिछड़ा वर्ग का दर्जा दिया जाएगा।
इस जाति के समकक्ष को पहले से पिछड़ा का दर्जा
डॉ. राजाराम महतो ने बताया कि गोसाईं, गिरी समेत इस जाति के अन्य लोग पहले से ही पिछड़ी जाति में शामिल हैं। इस जाति वर्ग में केवल गोस्वामी जाति के लोग बाहर हैं। गोस्वामी समाज के लोगों ने राज्य सरकार को आवेदन देकर पिछड़ी जाति में शामिल करने का आग्रह किया था। इसी आग्रह पर आयोग ने एक टीम बनाकर राज्य के विभिन्न जिलों के भ्रमण पर भेजा है। टीम सभी जिलों में जाकर गोस्वामी जाति के लोगों से मुलाकात कर उनकी राय ले रही है। धनबाद में भी यह कार्य पूरा कर लिया गया है।
जाति-आवासीय पर मांगी रिपोर्ट
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की टीम ने सभी बीडीओ और सीओ के साथ बैठक कर जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में आयोग के सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि नियोजन को लेकर पिछड़ा वर्ग के लोगों का जाति और आवासीय बनाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। धनबाद जिले में कितने जाति और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन हुए, कितना प्रमाण पत्र बना कर दिया गया और जो रुका हुआ है। उसके पीछे के क्या कारण है उसकी जानकारी मांगी गई है।
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