JSPCB से सहमति लिए बिना उद्योग चलाया तो प्रतिदिन पांच हजार जुर्माना, सजा का भी प्रावधान Dhanbad News
बोर्ड ने सभी कैटेगरी के उद्योगों को ऑनलाइन पोर्टल पर संचालन सहमति के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया है। धनबाद में रेड कैटेगरी में 45 से अधिक उद्योग शामिल हैं।
धनबाद, जेएनएन। उद्योगों के संचालन के लिए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियम कड़े कर दिए हैं। बिना संचालन सहमति यानी कंसेंट टू ऑपरेट उद्योगों के संचालन पर न केवल भारी-भरकम जुर्माना तय किया गया है, बल्कि कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही गई है। बोर्ड ने सभी तरह के उद्योगों को कंसेंट टू ऑपरेट लेना अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड की ओर से अधिसूचित रेड, ऑरेंज और ग्रीन श्रेणी के सभी उद्योग बिना संचालन सहमति के संचालित नहीं होंगे। कंसेंट टू ऑपरेट नहीं लेने वाले उद्योगों का संचालन अवैध माना जाएगा। इस संबंध में बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी ने निर्देश जारी कर दिया है।
संचालन सहमति बिना प्राप्त किए उद्योगों को चलाने पर जल (निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 44 तथा वायु (निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 37 के तहत न्यूनतम छह माह और अधिकतम छह वर्ष सजा का प्रावधान किया गया है। प्रतिदिन के हिसाब से पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगेगा। बोर्ड ने सभी कैटेगरी के उद्योगों को ऑनलाइन पोर्टल पर संचालन सहमति के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया है। धनबाद में रेड कैटेगरी में 45 से अधिक उद्योग शामिल हैं। बोर्ड के क्षेत्रीय पदाधिकारी आरएन चौधरी ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
व्हाइट कैटेगरी के 36 उद्योगों के लिए सहमति जरूरी नहीं : देशभर में चलने वाले 242 तरह के उद्योगों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुल चार श्रेणियों रेड, ऑरेंज, ग्रीन और व्हाइट शामिल हैं। प्रत्येक कैटेगरी के लिए उद्योग संचालन के लिए एकमुश्त मिलने वाली अनुमति का भी निर्धारण किया गया है। इसके तहत व्हाइट कैटेगरी में शामिल 36 ऐसे उद्योग हैं, जिनके संचालन लेने के लिए किसी तरह की अनुमति की जरूरत नहीं है। व्हाइट कैटेगरी में शामिल उद्योग बिना अनुमति के ही संचालित किए जा सकते हैं।
60 से अधिक इंडेक्स स्कोर होने पर मिलती है रेड कैटेगरी : रेड कैटेगरी में ऐसे उद्योगों को शामिल किया गया है, जिनका पॉल्यूशन इंडेक्स स्कोर 60 या इससे अधिक है। ऑरेंज कैटेगरी के लिए पॉल्यूशन इंडेक्स स्कोर 41 से 59 के बीच निर्धारित है। ग्रीन कैटेगरी के उद्योग के लिए पॉल्यूशन इंडेक्स स्कोर 21 से 40 और व्हाइट कैटेगरी के उद्योग के लिए अधिकतम पॉल्यूशन इंडेक्स स्कोर 20 है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने देश में चलने वाले 242 उद्योगों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें रेड कैटेगरी में 60, ऑरेंज में 83, ग्रीन में 63 और व्हाइट कैटेगरी में 36 उद्योग शामिल किए गए हैं।
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