Diwali Today: धनबाद में दिवाली का उत्साह चरम पर, बाजारों में उमड़ी लोगों की भीड़
Diwali Today: धनबाद में दिवाली से एक दिन पहले बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे।

दिवाली की पूर्व संध्या पर रोशनी से जगमगाता धनबाद, आसमान से दिखा शहर का खूबसूरत नजारा। (फोटोः अमित सिन्हा)
जागरण संवाददाता, धनबाद। आज देशभर में दीपों का पर्व दिवाली मनाया जा रहा है। त्योहार को लेकर धनबाद में भी खासा उत्साह देखने को मिला। दिवाली से एक दिन पहले शनिवार को शहर के बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी।

लोगों ने मिठाइयों, दीयों, सजावटी सामानों, फूलों और पूजन सामग्री की जमकर खरीदारी की। बाजारों में देर शाम तक रौनक बनी रही और पूरा शहर दीपावली के रंग में रंगा नजर आया। पुराना बाजार, बैंक मोड़, हीरापुर, और सरायढेला जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में देर रात तक खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी रही।

शुभ मुहूर्त में पूजन और घर को सजाने के लिए अंतिम क्षणों तक लोग खरीदारी करते दिखे। रंग-बिरंगी लाइटों, मिट्टी के दीयों, तोरण, पूजन सामग्री और मिठाइयों की रिकार्ड तोड़ बिक्री से बाजारों की रंगत से व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
दीपावली की पूर्व संध्या से ही सजावटी सामानों के बाजार में खरीदारी का जबरदस्त माहौल बना रहा। घरों को चमकाने के लिए महिलाओं की पहली पसंद पारंपरिक और आधुनिक सजावटी वस्तुएं रहीं।
बाजारों में सुंदर तोरण, बंधनवार, गेंदे के फूलों की लड़ी, कांच की लटकनें और भांति-भांति की लाइटिंग सामग्रियाें की बंपर बिक्री हुई। स्थानीय विक्रेता विकास गुप्ता ने बताया कि इस बार प्लास्टिक और कपड़े की खूबसूरत तोरणों की मांग बहुत ज्यादा रही। महिलाओं ने अपने घर के मुख्य द्वार और आंगन को सजाने के लिए दिल खोलकर खरीदारी की।
मिट्टी और धातु की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की रिकार्ड बिक्री
लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए शहर की पूजन दुकानों पर खरीदारों का तांता लगा रहा। मिट्टी के दीये, रुई की बाती, खील-बताशे, कौड़ी, कमलगट्टा और सिंदूर की बिक्री चरम पर रही। मिट्टी के साधारण दीये 80 से 120 प्रति सैकड़ा और डिजाइनर दीये 10 से 50 प्रति पीस तक बिके।
पूजन सामग्री के कारोबारी रितेश पंडित ने बताया भक्त शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजन की हर आवश्यक वस्तु खरीदने के लिए अंतिम क्षणों तक आते रहे। मिट्टी और धातु की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की रिकार्ड बिक्री हुई है।
दीपावली पर घरौंदा बनाने की परंपरा को निभाने के लिए बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। पुराना बाजार और सरायढेला के फुटपाथों पर मिट्टी, थर्माकोल, और लकड़ी से बने आकर्षक घरौंदे बिक रहे थे।
लकड़ी के बने टिकाऊ घरौंदों की ज्यादा मांग
थर्माकोल के घरौंदे 150 से 400, मिट्टी के घरौंदे 100 से 300 और लकड़ी के घरौंदे 500 से 1200 तक की कीमत में देर रात तक खरीदारों ने खरीदारी की। घरौंदा विक्रेता रामदेव पंडित ने कहा कि बच्चों की पहली पसंद थर्माकोल के चमकीले घरौंदे रहे, वहीं पारंपरिक सोच वाले लोगों ने मिट्टी के घरौंदे खरीदे। इस बार लकड़ी के बने टिकाऊ घरौंदों का भी अच्छा बाजार रहा ।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मैदानों में सजी पटाखों की दुकानों में शाम ढलते ही बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावकों ने सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जमकर आतिशबाजी खरीदी।
तेज आवाज वाले बमों पर भारी फूलझड़ी
तेज आवाज वाले बमों की जगह इस बार विभिन्न रंगों की फुलझड़ियों, अनार, और आकाश में जाकर सतरंगी रोशनी फैलाने वाले फैंसी शाट की बंपर बिक्री हुई। पटाखों के विक्रेता अमित सिंह ने कहा कि ग्रीन क्रैकर्स, 12-शाट और 30-शाट वाली लाइटिंग आतिशबाजी तथा बच्चों के लिए 50 से 200 वाली रंग-बिरंगी फुलझड़ियाें की खरीदारी देर रात तक हुई है।
दीपावली पर अपनों का मुंह मीठा कराने के लिए मिठाई दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ शुरु हो गई जो देर रात तक चलती रही। धनबाद के प्रसिद्ध मधुलिका स्वीट्स और न्यू मुंबई स्वीट्स जैसे प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रही।
बाजारों में काजू बर्फी 900-1100 रुपए, मोतीचूर के शुद्ध देसी घी के लड्डू 500-700 रुपए, कलाकंद, और मलाई पेड़ा की सबसे अधिक मांग रही। इसके अलावा 300 से 2000 तक के आकर्षक गिफ्ट पैक मिठाइयां लोगों की पहली पसंद बनी। न्यू बांबे स्वीट्स के संचालक संजीत कुमार ने बताया उपहार देने के लिए ड्राई फ्रूट्स और स्पेशल काजू बर्फी गिफ्ट पैक की मांग ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए।
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