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₹50 लाख के 70 नाखून-हड्डी; फर और खाल जब्त, धनबाद में होटल से 3 वन्यजीव तस्कर अरेस्ट

By Ravi Shankar SinghEdited By: Mritunjay Pathak
Published: Thu, 15 Oct 2026 04:33 PM (IST)

Jharkhand Wildlife Trafficking: धनबाद में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी का मामला सामने आया है, जिसमें वन विभाग ने तीन ...और पढ़ें

HighLights

  1. धनबाद में वन्यजीव अंगों की तस्करी का खुलासा हुआ।

  2. वन विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

  3. नाखून, चमड़े सहित कई वन्यजीव अंग बरामद।

जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड के धनबाद में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी का मामला सामने आया है। वन विभाग ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपित वन्यजीवों से जुड़े विभिन्न अंगों और अन्य वस्तुओं की खरीद-बिक्री में शामिल थे। उनके पास से कई जानवरों के नाखून, चमड़े और वन्यजीवों से जुड़े अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

Jharkhand Wildlife Trafficking

धनबाद के वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) विकास पालीवाल ने बताया कि वन्यजीवों से संबंधित वस्तुओं की खरीद-बिक्री करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि धनबाद में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी के मामले में वन विभाग ने करीब 50 लाख रुपये बाजार मूल्य के 70 वन्यजीव उत्पाद (वाइल्डलाइफ आर्टिकल्स) बरामद किए हैं।

भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून में कराई जाएगी जांच 

बरामद सामग्री में मिले कैट फैमिली के अंगों की पहचान के लिए उन्हें देहरादून स्थित जांच केंद्र भेजा जाएगा। जांच से पता लगाया जाएगा कि ये अंग बाघ के हैं या चीते के। वन विभाग मामले की जांच में जुटा है।

पैंगोलिन के 17 पीस स्किलस 

पैंगोलिन के स्किलस 17 पीस बरामद किए गए जबकि कैट फैमिली के फर तीन पीस हड्डी नौ पीस और नाखून तीन पीस बरामद किए गए हैं। दोनों वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के शेड्यूल वन के तहत संरक्षित जीव हैं।

मामले में वन विभाग की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग बरामद सामान की प्रकृति और उससे संबंधित अन्य पहलुओं की जांच कर रहा है।

धनबाद जैसे कोयलांचल क्षेत्र में वन्यजीवों के अंगों की कथित तस्करी का मामला सामने आने से वन्यजीव संरक्षण को लेकर सवाल उठे हैं। वन्यजीवों के अंगों की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

डीएफओ विकास पालीवाल इस मामले में गुरुवार शाम नावाडीह स्थित वन प्रमंडल कार्यालय में प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी देंगे। इसमें गिरफ्तारी, बरामदगी और आगे की कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी जाएगी।

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