धनबाद स्वास्थ्य विभाग बहाली में बड़ा घोटाला: मेरिट वाले बाहर, सिविल सर्जन की बेटी का चयन
Dhanbad Civil Surgeon daughter selection: धनबाद स्वास्थ्य विभाग में 99 पदों की बहाली में धांधली के आरोप लगे हैं, जिसमें ...और पढ़ें

धनबाद सिविल सर्जन आफिस।(फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत निकाली गई 99 पदों की बहाली में धांधली आरोप लगे हैं। प्रभारी सिविल सर्जन की बेटी के चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बहाली की चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाकर अभ्यर्थियों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने इसकी जांच करने को कहा है।
आरोप है कि 99 पदों की निकली बहाली में प्रभारी सिविल सर्जन डा. संजीव कुमार प्रसाद की बेटी प्रज्ञा की भी चयन किया गया है। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
एक दर्जन सूची से बाहर हुए मेरिट वाले अभ्यर्थियों ने इसकी लिखित शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी, विभाग के अपर मुख्य सचिव अज कुमार सिंह के साथ उपायुक्त समेत अन्य को किए हैं।
सरकारी सेवक आचार नियमावली का उल्लंघन
अभ्यर्थियों ने कहा है की सरकारी सेवक आचार नियमावली का धनबाद में उल्लंघन की जा रही है। बड़े पद पर बैठे अधिकारी अपने ही बेटी अथवा संबंधी की बहाली कर रहे हैं।
जबकि नियमानुसार जब कोई सागा बहाली में शामिल होता है तो इसकी लिखित शिकायत संबंधित पदाधिकारी को चयन प्रक्रिया कमेटी को देनी होती है और कमेटी से पूरी तरीके से अलग हो जाना पड़ता है।
लेकिन धनबाद में ऐसा नहीं हुआ, अधिकारी के निगरानी में परीक्षा भी हुई और स्किल टेस्ट भी लिया गया। जिसमें सगे का सेलेक्शन हुआ।
केस 1
पोस्टकोड 12 (एसटीएस, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर) में रविकांत झा को 20 में से मात्र 11 नंबर मिले। लेकिन कंप्यूटर टेस्ट और इंटरव्यू में मनमाना नंबर देकर बढ़ा दिया गया।
कंप्यूटर टेस्ट और इंटरव्यू के नंबर भी सार्वजनिक नहीं किए गए। जबकि शिकायतकर्ता को लिखित परीक्षा में 16.5 नंबर मिले थे।
केस दो
अभ्यर्थी कार्तिक ने शिकायत में बताया पोस्टकोड 12 में अचानक नियम बदल दिए गए। सबसे ज्यादा 19 अंक लाकर भी मेरा सेलेक्शन नहीं हुआ। जबकि मेरे से कम प्रज्ञा और रविकांत झा का सेलेक्शन हो गया।
प्रज्ञा को लिखित में 17 और रविकांत को 11 नंबर मिले थे। दोनों अभ्यर्थियों को कंप्यूटर टाइपिंग में भी दक्षता नहीं है। जबकि मेरी स्पीड 45 शब्द प्रति मिनट रही। इसके बाद भी गलत तरीके से सेलेक्शन किया गया। ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य थी, लेकिन इसे भी सार्वजनिक नहीं किया गया।
केस 3
रमेश पंडित ने बताया कि उसने पोस्टकोड 12 के लिए आवेदन किया था। फाइनल रिजल्ट जारी करते समय यह नहीं बताया गया कि किसी अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा कंप्यूटर टेस्ट और इंटरव्यू में कितने नंबर मिले हैं, इसे जारी करना चाहिए।
अचानक से लिखित परीक्षा के लिए कंप्यूटर टेस्ट ले लिया गया जिसकी जानकारी विज्ञापन में नहीं थी।
केस 4
अभ्यर्थी रमेश प्रजापति ने कहा कि लिखित परीक्षा में 20 अंकों में 11 अंक लाने वालों का सेलेक्शन कर लिया गया। जबकि बीच में 16 अंक से ज्यादा लाने वाले अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया है।
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उन्होंने कहा पूरे मामले की पारदर्शी तरीके से जांच कराई जाए। बहाली प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के अंक, उसके प्राप्तांक साक्षात्कार में दी गई मार्क्स सार्वजनिक की जाए।
किस पोस्ट के लिए कितने पद
कुल 99 पदों पर भर्ती
पद का नाम | पदों की संख्या |
|---|---|
एएनएम (आरसीएच) | 23 |
स्टाफ नर्स (आरसीएच) | 28 |
ब्लॉक डाटा मैनेजर | 4 |
रेडियोग्राफर | 2 |
फार्मासिस्ट | 20 |
फार्मासिस्ट (आयुष) | 1 |
टेक्निकल सुपरवाइजर | 2 |
लेबोरेटरी टेक्नीशियन (टीबी) | 5 |
लेबोरेटरी टेक्नीशियन | 1 |
ट्यूबरकुलोसिस हेल्थ विजिटर | 3 |
सीनियर ट्रीटमेंट लैबोरेटरी (टीबी) | 3 |
सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (टीबी) | 7 |
कुल पद | 99 |
