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बांग्ला की ताड़ाताड़ी से मगही की बतकही तक, दुर्गापूजा के मेले में धनबाद का अनोखा रंग

Published: Mon, 19 Oct 2026 07:45 AM (IST)

Dhanbad Durga Puja: धनबाद में दुर्गापूजा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि बांग्ला, खोरठा और मगही भाषाओं का मिलन है, जो शहर को अनोखे रंग में रंग देता है।

धनबाद के पूजा पंडाल मे मां दुर्गा की अराधना करतीं महिलाएं। (फोटो अमित सिन्हा)

धनबाद के पूजा पंडाल मे मां दुर्गा की अराधना करतीं महिलाएं। (फोटो अमित सिन्हा)

HighLights

  1. धनबाद दुर्गापूजा में बांग्ला, खोरठा, मगही भाषाओं का संगम।

  2. शहर में उत्साहपूर्ण माहौल, मेले और पंडालों की रौनक।

  3. विभिन्न पूजा पंडालों तक पहुंचने के लिए यातायात मार्गदर्शन।

जागरण संवाददाता, धनबाद। ताड़ाताड़ी चलो, मेला शुरू होए गेछे, बाच्चा गुलो लाफाच्छे...(जल्दी चलो, मेला शुरू हो गया है, बच्चे उछल रहे हैं)। टोटो पर सवार बंगाली परिवार के अल्फाज अभी पूरे भी नहीं हुए कि सामने से सुनाई पड़ता है हां दीदी, हमे कह रहलियो, टोटो वाला भईया से, जल्दी ले चल सरायढेला...।

आटो पर सवार दूसरे यात्री के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान...। दुर्गापूजा आते ही शहर का मिजाज बदल गया है। पूजा पंडालों और मेले की ओर जाते रास्तों पर बांग्ला, खोरठा और मगही भाषा में गपियाते श्रद्धालुओं का हुजूम बता रहा कि मिक्स कल्चर वाले धनबाद में दुर्गापूजा केवल त्योहार नहीं, भाषाओं का मिलन भी है।

भीड़, उत्साह और मीठी भाषाओं ने मेले का रास्ता और रंगीन बना दिया है। आइए जानते हैं शहर के पूजा पंडाल और मेले तक कैसे पहुंचें।

जिला परिषद से झारखंड मैदान तक वाहन से आने से बचें

झारखंड मैदान तक मुख्य मार्गाें से वाहन से पहुंचना मुश्किल है। हीरापुर हटिया मोड़ के पास से पैदल पहुंचना होगा। आसपास के कई पंडाल देखना चाहते हैं तो जिला परिषद से शुरू करें। पहले जिला परिषद में बंगाली कल्याण समिति के पूजा पंडाल में मां का दर्शन करें।

चंद कदमों पर हीरापुर पार्क के अंदर बंगाली वेलफेयर सोसाइटी के किताबों वाले पंडाल में विराज रही मां का आशीष लें। थोड़ी ही दूर पर हीरापुर हरि मंदिर व माडा क्लब में माता के दरबार में शीष झुकाएं और सीधे झारखंड मैदान पहुंच जाएं।

न्यू स्टेशन कालोनी से तुतलतल्ला तक

धनबाद स्टेशन से सटे न्यू स्टेशन कालोनी के गुपचुप वाले पंडाल तक पहुंचने के लिए स्टेशन तक वाहन से पहुंच सकते हैं। फुट ओवरब्रिज से होकर पंडाल तक पहुंचना होगा।

यहां से पुराना बाजार रेलवे इंस्टीट्यूट रोड होकर टेंपल रोड के खिलौने वाले पंडाल तक पहुंच सकते हैं। फिर तेतुलतल्ला होकर पुराना बाजार डीएवी मैदान के पास और उसके बाद बैंक मोड़ के पूजा पंडालों तक पहुंचा जा सकता है।

स्टीलगेट पहुंचने को चलना होगा एक किमी पैदल

हीरापुर समेत शहर के अन्य हिस्से से स्टीलगेट पूजा पंडाल तक पहुंचने के लिए वाहन कार्मिक नगर मोड़ तक ही जा सकते हैं।

उसके बाद लगभग एक किमी का फासला पैदल ही तय करना होगा। शाम में गोविंदपुर की ओर जाने के लिए बरवाअड्डा मेमको मोड़ होकर मार्ग का चयन करना होगा। हीरापुर, दामोदरपुर होकर भी गोविंदपुर की ओर जा सकते हैं। इस मार्ग पर ट्रैफिक दबाव नहीं है।

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