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धनबाद डीडीसी का दावा-10 हजार चापाकलों की मरम्मत, निरसा विधायक बोले-10 भी ठीक होते नहीं दिखे

Published: Fri, 16 Oct 2026 11:04 PM (IST)

Dhanbad DMFT Meeting में 10 हजार चापानलों की मरम्मत के डीडीसी के दावे पर विधायक अरूप चटर्जी ने सवाल उठाए, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने तालियां बजाईं।

डीएमएफटी पर बैठक को संबोधित करते टुंडी के विधायक मथुरा प्रसाद महतो, उपायुक्त आदित्य रंजन, विधायक राज सिन्हा, अरूप चटर्जी और ग्रामीण एसपी मो. याकूब।(फोटो जागरण)

डीएमएफटी पर बैठक को संबोधित करते टुंडी के विधायक मथुरा प्रसाद महतो, उपायुक्त आदित्य रंजन, विधायक राज सिन्हा, अरूप चटर्जी और ग्रामीण एसपी मो. याकूब।(फोटो जागरण)

जागरण संवाददाता, धनबाद। Dhanbad DMFT Meeting: धनबाद जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की न्यास परिषद की बैठक में शुक्रवार को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से कई सवाल किए। सबसे अधिक चर्चा चापानलों की मरम्मत को लेकर हुई।

उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सन्नी राज ने जिले में 10 हजार चापानलों की मरम्मत कराने की बात कही, तो निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि डीडीसी साहब कह रहे हैं कि 10 हजार चापानलों की मरम्मत हुई है, लेकिन हमें तो 10 चापानल भी ठीक होते नहीं दिखे। पता नहीं कहां मरम्मत हुई है।

विधायक की इस टिप्पणी पर समाहरणालय के बहुद्देशीय सभागार में मौजूद 200 से अधिक मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों ने तालियां बजाईं। अरूप चटर्जी ने पेयजल आपूर्ति के लिए डीप बोरिंग से जुड़ी योजनाओं में चहेते संवेदकों को काम देने की मंशा पर भी सवाल उठाया।

कई मुखिया ने शिकायत की कि चापानलों की मरम्मत के लिए पीएचईडी के अधिकारियों से संपर्क करने पर उनकी बात नहीं सुनी जाती। इस पर डीडीसी ने बताया कि केवल निरसा में 819 चापानलों की मरम्मत कराई गई है। उन्होंने पूरे जिले में मरम्मत किए गए चापानलों की सूची उपलब्ध कराने की बात कही।

योजना की अनुशंसा पर भी मुखिया ने उठाए सवाल

बैठक में कई मुखिया ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की बैठकों में प्रशासन अपनी योजनाओं की अनुशंसा के लिए दबाव बनाता है। पंचायत की वास्तविक जरूरतों और समस्याओं को प्राथमिकता देने के लिए उनसे पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया जाता। कलियासोल के मुखिया ने अपनी अनुशंसा को भी महत्व देने की मांग की।

वहीं, डुमरकुंडा उत्तर के मुखिया ने बीसीसीएल क्षेत्र में विकास कार्यों की कमी का मुद्दा उठाया। मेढ़ा पंचायत के मुखिया मनोज कुमार राउत ने मैथन जलमीनार की समस्या उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी इसका समुचित समाधान नहीं हुआ है। इससे कई पंचायतों के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

2536 नई योजनाओं के अनुमोदन का प्रस्ताव

उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। डीडीसी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर 2536 नई योजनाओं के अनुमोदन का प्रस्ताव है।

डीएमएफटी की गाइडलाइन के अनुरूप 70 प्रतिशत योजनाएं पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला एवं बाल कल्याण और कौशल विकास जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए, जबकि 30 प्रतिशत सड़क, ऊर्जा और अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए प्रस्तावित हैं। उपायुक्त ने कहा कि अगले तीन से छह महीनों में अधिकांश योजनाओं के परिणाम दिखाई देने लगेंगे।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से जमीन संबंधी विवादों और स्थानीय बाधाओं को दूर करने में सहयोग मांगा। उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि शिकायत मिलने पर दो से तीन दिनों के भीतर जांच दल भेजकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

140 स्कूलों का होगा कायाकल्प, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

उपायुक्त ने कहा कि सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस की तर्ज पर जिले के 140 विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है। वहीं, डीडीसी ने बताया कि 391 चयनित सरकारी विद्यालयों के नवीनीकरण की योजना पर काम जारी है।

87 स्कूलों में आधुनिक फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, पुस्तकालय और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जबकि 413 अन्य विद्यालयों में यह व्यवस्था प्रस्तावित है। स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे बेहतर कार्यों की जानकारी भी दी गई।

419 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण

डीडीसी सनी राज ने बताया कि जिले में 419 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक 82.5 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों को अपने पक्के भवन में संचालित करने का लक्ष्य है।

पेयजल व्यवस्था के तहत 7901 ट्यूबवेलों का नियमित अनुरक्षण, 2405 राइजर पाइप, 97 उच्च क्षमता वाले ट्यूबवेल और 566 विशेष मरम्मत कार्य पूरे किए गए हैं। वहीं, 793 तालाबों के जीर्णोद्धार की योजनाओं में 205 को स्वीकृति मिली है और 588 योजनाएं प्रक्रियाधीन हैं।

विधायकों ने रखीं क्षेत्र की समस्याएं

टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने सड़कों की मरम्मत, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गार्ड वाल निर्माण और ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की। धनबाद विधायक राज सिन्हा ने सेंट्रल लाइब्रेरी को स्मार्ट लाइब्रेरी बनाने और दामोदरपुर में नगर वन विकसित करने का सुझाव दिया।

निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने आवास योजनाओं को बढ़ावा देने, प्रत्येक प्रखंड में ट्रेनिंग सेंटर खोलने, अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने, स्थानीय संवेदकों को प्राथमिकता देने और मोबाइल हेल्थ केयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की।

सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने पुस्तकालयों में कंप्यूटर और किताबें उपलब्ध कराने सहित स्कूलों से जुड़ी समस्याएं उठाईं। बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बीडीओ और जिले के मुखिया उपस्थित थे।

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