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    धनबाद में बहेगी श्रीमद्भागवत कथा की रसधारा, आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री करेंगे कथा वाचन

    By Mritunjay PathakEdited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 09:01 PM (IST)

    Mridul Krishna Shastri: मकर संक्रांति के पावन पर्व के बाद धनबाद में 17 से 23 जनवरी 2026 तक श्रीमद्भागवत कथा की रसधारा बहेगी। गोविंदपुर के राज विलास भव ...और पढ़ें

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    श्रीमद्भागवत कथा वाचक आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री। (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, धनबाद। Bhagwat Katha Govindpur: 14 जनवरी को मकर संक्रांति के पावन पर्व के बाद धनबाद में आध्यात्मिक उल्लास का शुभारंभ होगा। एक सप्ताह तक श्रीमद्भागवत कथा की रसधारा बहेगी। 17 से 23 जनवरी तक प्रख्यात कथा वाचक आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री जी श्रीमद्भागवत महापुराण की दिव्य कथा का वाचन करेंगे। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के अमृत से सराबोर होंगे।

    श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन धनबाद के गोविंदपुर में किया जाएगा। यह आध्यात्मिक आयोजन 17 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक आयोजित होगा। कथा का आयोजन धनबाद के गोविंदपुर के कौआबांध स्थित राज विलास भवन में होगा।

    श्रीमद्भागवत कथा का वाचन परम पूज्य आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री जी द्वारा किया जाएगा। सात दिनों तक चलने वाले इस ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का दिव्य संदेश प्राप्त होगा।

    कार्यक्रम के आयोजक गीता देवी, उर्मिला देवी-शंभू नाथ अग्रवाल, पिंकी-नंदलाल अग्रवाल, पायल-बदलराम अग्रवाल, सुषमा-श्याम केजरीवाल एवं समस्त मित्रगण हैं। आयोजकों ने धनबाद एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

    कौन हैं आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री

    आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री जी देश के प्रख्यात और लोकप्रिय श्रीमद्भागवत कथा वाचक हैं। वे अपनी मधुर वाणी, सरल भाषा और भावपूर्ण प्रस्तुति के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। वृंदावन की आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री जी ने देश-विदेश में अनेक भागवत कथा, राम कथा और सत्संग कार्यक्रमों के माध्यम से सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार किया है।

    Bhagwat Katha Govindpur

    उनकी कथाओं में भक्ति, ज्ञान और संस्कार का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है, जो श्रोताओं के मन को सहज ही भावविभोर कर देता है।