जागरण संवाददाता, धनबाद। महाकाल दरबार तक ले जानेवाली हावड़ा-इंदौर शिप्रा एक्सप्रेस अब दूसरी प्रीमियर ट्रेनों की तरह एलएचबी कोच के साथ चलेगी। पुराने पारंपरिक कोच हटाकर नये आधुनिक डिजाइन वाले एलएचबी कोच लगेंगे। एलएचबी कोच जुड़ते ही जहां इस ट्रेन की रफ्तार बढ़ जाएगी वहीं स्लीपर और सेकेंड सीटिंग के कोच कम हो जाएंगे। ऐसे में पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों को सफर से पहले अपनी सीट दोबारा जांच लेनी होगी क्योंकि सीटें बदल जाएंगी।

रेलवे ने एलएचबी कोच के साथ चलने वाली ट्रेनों के लिए मानक तय कर दिया है। ऐसी ट्रेनों में स्लीपर के 10 कोच ही जुड़ेंगे। अभी शिप्रा एक्सप्रेस एक्सप्रेस में स्लीपर के 11 कोच जुड़ते हैं। नई व्यवस्था प्रभावी होते ही स्लीपर का एक कोच यानी एस-11 हट जाएगा। इस कोच के यात्रियों को दूसरे कोच में एडजस्ट कराया जाएगा जिससे सीटों के नंबर बदल जाएंगे। हालांकि एलएचबी कोच में पारंपरिक कोच की तुलना में सीटें अधिक रहती हैं। इस वजह से यात्रियों के एडजस्टमेंट में परेशानी नहीं होगी। स्लीपर के साथ-साथ डीएल-वन और डीएल-2 के यात्रियों की सीटें भी बदलेंगी। उन्हें सेकेंड सीटिंग के कोच में एडजस्ट कराया जाएगा।

रेलवे भेजेगी यात्रियों को एसएमएस

पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों को रेलवे एसएमएस भेजकर सीटें बदलने से जुड़ी अपडेट देगी। जिन यात्रियों ने बुकिंग के दौरान सही मोबाइल नंबर दिया है, उन्हें घर बैठे ही बदले सीट नंबर की जानकारी मिल जाएगी। कभी-कभी समय पर एसएमएस नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में सफर शुरू करने से पहले पीएनआर चेक कर सकते हैं।

हावड़ा से पीडीडीयू तक 130 की रफ्तार से चलेगी

एलएचबी कोच के साथ चलने वाली ट्रेनें हावड़ा से पंडित दीनदयाल जंक्शन तक 130 किमी की रफ्तार से चलती हैं। शिप्रा एक्सप्रेस में एलएचबी कोच जुड़ते ही इस ट्रेन को भी 130 की रफ्तार से चलाया जाएगा। गति बढ़ने से टाइम टेबल में भी बदलाव हो सकता है। हालांकि अब तक इसे लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

कब से होगा बदलाव

  • 02911 इंदौर-हावड़ा शिप्रा एक्सप्रेस - दो अक्टूबर से
  • 02912 हावड़ा-इंदौर शिप्रा एक्सप्रेस चार अक्टूबर से

किस श्रेणी में कितने कोच-अभी

  • सेकेंड एसी - 1
  • थर्ड एसी - 5
  • स्लीपर - 11
  • सेकेंड सीटिंग - 4
  • डीएलवन - 2

नया

  • सेकेंड एसी - 1
  • थर्ड एसी - 5
  • स्लीपर - 10
  • सेकेंड सीटिंग - 4
  • एसएलआरडी - 1
  • ईओजी - 1

Edited By: Mritunjay