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    Jharkhand: बकरा चोरी में जिसे सौंपा था पुलिस को, उसकी थाना हाजत में लटकती मिली लाश; परिजनों ने जड़ा हत्या का आरोप

    By MritunjayEdited By:
    Updated: Sat, 05 Sep 2020 05:31 PM (IST)

    मृतक धनबाद जिले के तोपचांची थाना अंतर्गत तांतरी का रहने वाला बताया जा रहा है। उसे ग्रामीणों ने शुक्रवार को बकरी चोरी करते हुए पकड़ा था। इसके बाद उसकी जमकर पिटाई हुई।

    Jharkhand: बकरा चोरी में जिसे सौंपा था पुलिस को, उसकी थाना हाजत में लटकती मिली लाश; परिजनों ने जड़ा हत्या का आरोप

    गिरिडीह, जेएनएन। मधुबन थाना हाजत में 42 वर्षीय बंदी बलराम महतो की रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गई। शनिवार की सुबह थाना हाजत में बिजली के तार से वह फांसी के फंदे पर लटकता मिला। हाजत में उसके साथ उसका सहयोगी 30 वर्षीय युवक बबलू सोनार भी था। बलराम महतो धनबाद जिले के राजगंज थाना अंतर्गत कारीडीह गांव का रहने वाला था। वहीं उसका सहयोगी बबलू सोनार धनबाद जिले के ही तोपचांची थाना अंतर्गत तांतरी का रहने वाला है। शुक्रवार की शाम पिपराडीह एवं बेड़ी के बीच ग्रामीणों ने बाइक से बकरा चोरी कर ले जाने के आरोप में दोनों को पकड़ा था। ग्रामीणों ने पिटाई करने के बाद दोनों को मधुबन थाना पुलिस के हवाले कर दिया था।

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    थानेदार के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग

    पुलिस ने दोनों से करीब दो घंटे तक सख्ती से पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद दोनों को थाना हाजत में बंद कर दिया था। सुबह उनमें से एक बलराम महतो की लाश हाजत के अंदर लटकते हुए मिली। इस मामले में पुलिस का कहना है कि बलराम महतो ने आत्महत्या की है। शाम करीब चार बजे धनबाद से पहुंचे परिजनों ने साफ आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई से बलराम महतो की मौत हुई है। मरने के बाद उसके शव को फांसी के फंदे पर लटका कर आत्महत्या का रूप दे दिया गया। बलराम के पुत्र सोनू महतो ने मधुबन के थानेदार के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। साथ ही उसने हाजत में बंद बबलू सोनार पर भी हत्या की आशंका जाहिर की है। इधर मधुबन थाना की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बड़ी संख्या में वहां सशस्त्र पुलिस जवान तैनात कर दिया गया है। शाम करीब साढ़े चार बजे मृतक के पुत्र एवं उसके साथ आए धनबाद के सिजुआ निवासी वार्ड पार्षद धमेंद्र महतो उर्फ डिस्को ने मधुबन थाना में एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह से वार्ता की। इसके बाद शाम पांच बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेजा गया।

    बाहरी लोगों का थाने में प्रवेश पर रोक

    पुलिस का कहना है कि बबलू सोनार की जब सुबह नींद खुली तो उसने बलराम महतो को फांसी के फंदे पर लटकते देखा। उसकी सूचना पर पुलिस वहां गई। इसके बाद शव को नीचे उतारा। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हाजत में बंदी की मौत से पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। तुरंत एसपी अमित कुमार रेणु को जानकारी दी गई। सबसे पहले सुबह करीब साढ़े छह बजे पीरटांड़ के अंचल अधिकारी विनय प्रकाश तिग्गा पहुंचे। उनकी उपस्थिति में शव को नीचे उतारा गया। करीब सात बजे डुमरी के एसडीपीओ नीरज सिंह मधुबन थाना पहुंचे। इसके ठीक बाद एसपी अमित कुमार रेण पहुंचे। सुबह से ही थाना गेट को बंद कर दिया गया। बाहरी लोगों का प्रवेश थाना के अंदर रोक दिया गया। मीडिया को थाना के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई।

    पांच घंटे तक थाने में रहे एसपी

    एसपी लगातार पांच घंटे तक थाना के अंदर रहे और अनुसंधान किया। दोपहर करीब एक बजे एसपी थाना से गिरिडीह लौट गए। उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। दोपहर करीब दो बजे एसडीपीओ ने मीडिया से बात की। बताया कि बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले का अनुसंधान चल रहा है। इधर पुलिस जिस तरह से इस मामले को गोपनीय बनाकर रख रही थी, उससे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय मुखिया निर्मल तुरी जब घटना की जानकारी पाकर मधुबन थाना पहुंचे तो उन्हें भी थाना से बाहर निकाल दिया गया। सुबह करीब दस बजे स्थानीय मुखिया निर्मल तुरी को बुलाया गया। बलराम महतो के साथ हाजत में बंद बबलू सोनार से किसी को भी पुलिस ने बात करने नहीं दिया।

    बबलू सोनार ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

    बलराम महतो के साथ खस्सी चोरी के आरोप में थाना हाजत में बंद बबलू सोनार ने मधुबन थाना में आवेदन देकर अज्ञात के खिलाफ मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई है। वहीं बबलू सोनार को पुलिस ने बकरा चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। उसे गिरिडीह अदालत भेजने की तैायरी की जा रही थी।

    पुलिस कस्टडी में मौत की मजिस्ट्रेट करेंगे जांच : उपायुक्त

    उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि मधुबन थाना हाजज में बंदी की मौत की जांच मजिस्ट्रेट करेंगे। इसका आदेश जारी कर दिया गया है। जांच करने वाले दंडाधिकारी भी नियुक्त कर दिया गया है। साथ ही इसकी पूरी जानकारी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को दी जाएगी। शव के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। यूडी केस दर्ज कर सीआरपीसी की धारा 176(1ए) के तहत मजिस्ट्रेट से जांच की प्रोसिडिंग की जाएगी।