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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JNNURM : धनबाद के लिए अच्छी खबर, जामाडोबा वाटर प्लांट से 8 हजार ग्रामीणों को मिलेगा पानी, टेंडर जारी

By MritunjayEdited By:
Published: Tue, 09 Nov 2021 11:02 AM (IST)Updated: Wed, 10 Nov 2021 07:44 AM (IST)

जेएनएनयूआरएम शहरी जलापूर्ति योजना के तहत इन ग्राम पंचायतों में पानी का कनेक्शन देने के लिए पेयजल विभाग ने निविदा ...और पढ़ें

जामाडोबा वाटर प्लांट से ग्रामीणों को मिलेगा पानी ( प्रतीकात्मक फोटो)।
जामाडोबा वाटर प्लांट से ग्रामीणों को मिलेगा पानी ( प्रतीकात्मक फोटो)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। पानी के लिए ग्रामीणों का इंतजार थोड़ा लंबा होने वाला है। इतना जरूरी है कि इस इंतजार के बाद ग्रामीणों को पानी मिलने लगेगा। गांव में जलमीनार बनकर तैयार है। बस पानी की आपूर्ति होनी शेष है। जामाडोबा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से अगले वर्ष मार्च तक ग्रामीण क्षेत्रों के दो दर्जन गांवों में पानी पहुंचने की संभावना है। इससे सीधे तौर पर आठ हजार 203 घरों को पानी कनेक्शन मिलेगा। इनमें दामोदरपुर, नावाडीह, कच्ची बलियारी, साउथ बलिहारी, सियालगुदरी, पिपरा बेड़ा, बरडूबी आदि पंचायतों के गांव शामिल हैं।

पेयजल विभाग ने जारी किया टेंडर

जेएनएनयूआरएम शहरी जलापूर्ति योजना के तहत इन ग्राम पंचायतों में पानी का कनेक्शन देने के लिए पेयजल विभाग ने निविदा निकाली है। इस योजना पर तीन करोड़ 93 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। निविदा प्रक्रिया दिसंबर में पूरी होगी। इसके बाद तीन महीने के अंदर घरों को कनेक्शन देने का काम होगा। पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार ने बताया मार्च 2022 तक 8203 घरों को पानी कनेक्शन दे दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए 16 नवंबर को सुबह साढ़े 11 बजे प्री-बिड मीटिंग का आयोजन किया जाएगा। एक दिसंबर दोपहर तीन बजे निविदा खोली जाएगी।

14 जलमीनार से जलापूर्ति जारी, 17 में इंतजार

विभिन्न गांवों में जलापूर्ति करने की यह योजना वित्तीय वर्ष 2012-13 में शुरू हुई थी। शहरी जलापूर्ति योजना के तहत कुल 36 जलमीनारों का निर्माण किया गया था। योजना की निगरानी का दायित्व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को मिला। पहले फेज में बने जलमीनारों को दो वर्ष पहले ही चालू कर दिया गया। दूसरे फेज में 14 जलमीनार ही चालू हो पाए थे। इनमें 17 जलमीनार अभी तक नहीं शुरू हो पाए हैं। इन जलमीनारों से पानी की आपूर्ति जामाडोबा स्थित दामोदर नदी से की जानी थी। काफी इंतजार के बाद अब गांववालों को पानी नसीब होगा।