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राजपूत बस्ती में धमाके के साथ बना 20 फिट गहरा गोफ, इलाके में दहशत Dhanbad News

केंदुआडीह राजपूत बस्ती में बुधवार की शाम लालबहादुर सिंह के घर की दीवार के पास ही तेज आवाज के साथ एक गोफ बन गया। इससे गैस का रिसाव भी हो रहा है।

By Edited By: Published: Thu, 17 Sep 2020 02:36 AM (IST)Updated: Fri, 18 Sep 2020 09:23 AM (IST)
राजपूत बस्ती में धमाके के साथ बना 20 फिट गहरा गोफ, इलाके में दहशत Dhanbad News
राजपूत बस्ती में धमाके के साथ बना 20 फिट गहरा गोफ, इलाके में दहशत Dhanbad News

धनबाद, जेएनएन। केंदुआडीह राजपूत बस्ती में बुधवार की शाम लालबहादुर सिंह के घर की दीवार के पास ही तेज आवाज के साथ एक गोफ बन गया। इससे गैस का रिसाव भी हो रहा है। गोफ बनने से बस्ती में अफरा तफरी मच गई। गोफ करीब दो फिट ब्यास व 20 फिट गहरा है। संयोग ही था कि उस दौरान लालबहादुर सिंह के घर में कोई नहीं था। महिलाएं और बच्चे पड़ोस में गए थे। दरअसल, जहां गोफ बना है वहां पूर्व में दरार हो गई थी। यह देख लालबहादुर ने घर का कुछ सामान एक दिन पूर्व ही निकालकर पड़ोस में रख दिया था। घटना होने के बाद खौफजदा लोग घरों को छोड़कर बाहर आ गए।

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घटना से पहले प्रबंधन ने चिपकाया था नोटिस : भूधंसान और गोफ होने की इस घटना से एक घंटा पहले ही बीसीसीएल के गोपालीचक कोलियरी प्रबंधन को ओर से लालबहादुर सिंह समेत दर्जन भर लोगों के घरों पर अग्नि और भूधंसान प्रभावित क्षेत्र का नोटिस चिपकाया था। कोलियरी अधिकारियों के जाते ही यह घटना घटी है। घटना से ग्रामीणों में बीसीसीएल गोपालीचक प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश है। बस्ती के लोग और महिलाएं पीबी एरिया गोपालीचक कोलियरी प्रबंधन को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं। उनका कहना था कि समय रहते प्रबंधन ने कार्रवाई की होती तो बेघर होने के कगार पर नही पहुंचते। यहां समय पर भराई नहीं कराई गई। जबकि इलाका भूधंसान प्रभावित है यह प्रबंधन जानता था। प्रबंधन बस्ती में सिर्फ अग्नि और भूधंसान क्षेत्र का नोटिस चिपकाकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रहा है। प्रबंधन सूत्रों का कहना है कि इलाका असुरक्षित है, यहां जान माल का खतरा है।

नौकरी व मुआवजे के बिना नहीं खाली करेंगे इलाका : स्थानीय लोगों का आरोप है कि गोपालीचक प्रबंधन 1983 से अपनी मनमानी कर रहा है। नोटिस पर नोटिस देकर डराया जा रहा है। बस्ती की जमीन ग्रामीणों की रैयती जमीन है। बिना नौकरी और मुआवजा के राजपूत बस्ती की जमीन खाली नही करेंगे। इस मामले में केंदुआडीह राजपूत बस्ती संघर्ष समिति के सदानंद बोस और रमेश राय का कहना है कि राजपूत बस्ती की जिस जमीन को बीसीसीएल प्रबंधन अपना बता रहा है, वह ग्रामीणों की है।


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