मंगल पाठ में शामिल हो धन्य हुए दादी भक्त
जागरण संवाददाता, धनबाद : 'सत की महिमा अमित अपरा, वेद शास्त्र पाये नहीं पारा। पार्वती, लक्ष्मी, ब्रह्माणी, सत के बल पर बनी भवानी।' सावित्री ने सत के बल से, छिन लिया था पति को यम से। सती सुलोचना रामादल से, पति शीश लाई रघुवर से। ऐसे कई संगीतमय चौपाई, दोहा, गीत व मंगल मनका ने सिद्धि विनायक पहुंचे श्रद्धालुओं को राणी सती दादीजी की भक्ति में डूबो दिया। 23वें राणी सती झुलनोत्सव के दूसरे दिन यहां संगीतमय मंगलपाठ का आयोजन हुआ। सुबह छह बजे राणी सती दादी की मंगला आरती की गई। इसके बाद सवा लाख जावा फूल से चरणाभिषेक किया गया। फिर सवा मनी का भोग लगाया गया।
तकरीबन 11.30 बजे कथा वाचक ऋषि कुमार शर्मा ने दादीजी का संगीतमय मंगलपाठ शुरू किया। संगीतमय मंगलपाठ के जरिए उन्होंने दादीजी के जीवन का सुंदर वर्णन किया। मात श्री राणी सतीजी की जय। तनधन नारायणी की जय। देवसर वाली मां की जय से माहौल भक्तिमय हो गया। मंगलपाठ शाम चार बजे तक चला। दादी भक्तों ने इसका भरपूर आनंद लिया। मंगलपाठ में शामिल हुई महिलाओं ने पाठ पूर्ण होने पर मां का ज्योत अर्पण लिया। इनके बीच प्रसाद वितरित किया गया। शाम छह बजे भजन आरंभ हुआ। गायक परितोष ने मां के भजनों से श्रद्धालुओं को जमकर झूमाया। रात को महाआरती के साथ दो दिवसीय राणी सती झुलनोत्सव समाप्त हुआ।
दर्शन के लिए भक्तों का तांता
मंगलपाठ के दरम्यान दादीजी के दर्शन व ज्योत अर्पण लेने के लिए दिनभर दरबार में भक्तों का तांता लगा रहा। दरबार में दादीजी की ज्योत स्थापित की गई थी। दादीजी की दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। लाइन लगाकर स्त्री, पुरुष, बड़े बुजुर्ग, युवक युवतियों व बच्चों ने ज्योत का अर्पण लिया और दरबार में मत्था भी टेका।
826 सुहागिन महिलाएं शामिल
मंगलपाठ में शामिल होने के सुहागन महिलाएं सुबह से आयोजन स्थल पर पहुंचने लगी थीं। ग्यारह बजे तक पंडाल फूल हो चुका था। 826 महिलाएं शामिल हुई। आयोजन समिति द्वारा प्रत्येक मंगलपाठ महिला को लाल चुनरी, पूजन सामग्री, फल, सुहाग पिटारी व मंगल महिमा पुस्तिका चुनरी दी गई थी।
छप्पन भोग व फल का चढ़ावा
मंगलपाठ में दादीजी पर छप्पन भोग, सवा मनी बुंदिया, काजू-बर्फी, दिलकुसार, पंचमेवा व फल का भोग लगाया गया। छप्पन भोग सुनिल सावड़िया द्वारा चढ़ाया गया।
बाहरी जिलों से पहुंचे थे श्रद्धालु : झुलनोत्सव में शामिल होने के लिए धनबाद के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे ही थे, दूसरे जिलों व राज्यों से भी पहुंचे थे। बोकारो, कोलकाता, रानीगंज, आसनसोल व पुरलिया से श्रद्धालु आये थे। बाहर से आये श्रद्धालुओं को ठहराने की व्यवस्था सिद्धि विनायक होटल, पोद्दार रेजेंसी व झरिया स्थित राणी सती मंदिर में की गई थी।
आयोजन समिति के सक्रिय सदस्य : मंगलपाठ के आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति से जुड़े बजरंग लाल डोकानिया, सुनिल सावड़िया, अनिल बंसल, नवीन पोद्दार, द्वारका प्रसाद गोयनका, रमेश गोयनका, गोविंद अग्रवाल, विजय अग्रवाल, अशोक चौरसिया आदि सक्रिय थे। इसके अलावा पार्षद लक्ष्मी सावड़िया, अनीता अग्रवाल, स्नेहा अग्रवाल सहित कई महिलाएं के आयोजन में सक्रिय दिखीं। कुछ युवतियां व बच्चे सहयोग में जुटे दिखे।
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