शीघ्रदर्शनम निर्माण कार्य 24 घंटा में बंद नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
शीघ्रदर्शनम निर्माण कार्य 24 घंटा में बंद

शीघ्रदर्शनम निर्माण कार्य 24 घंटा में बंद नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
जागरण संवाददाता, देवघर: बाबा मंदिर के ट्रस्टी और पूर्व मंत्री कृष्णानंद झा ने मंदिर परिसर में लगातार हो रहे प्रयोग पर आपत्ति जताई है। सोमवार को बाबा मंदिर परिसर में प्रेस कांफ्रेंस कर पूर्व मंत्री ने कहा कि मंदिर की परंपरा, गरिमा और उसकी पौराणिकता से खिलवाड़ हो रहा है, यह बर्दाश्त से बाहर हो गया है। उपायुक्त मंदिर के कस्टोडियन हैं, मालिक नहीं हैं। उनका कार्य बाबा मंदिर की परंपरा, गरिमा और वैभव को बरकरार रखना है। जिस तरह शीघ्रदर्शनम के नाम पर नया रूट बनाया जा रहा है वह मंदिर की पौराणिकता के साथ छेड़छाड़ है। जिला प्रशासन 24 घंटे में निर्माण कार्य बंद करे। प्रशासनिक भवन स्थित स्वागत कक्ष से नियंत्रण कक्ष को हटाएं। नहीं तो जन आक्रोश बढ़ेगा और आंदोलन होगा। चेतावनी दिया कि मंगलवार शाम पुरोहित समाज के लोगों के साथ मंदिर परिसर में सामूहिक बैठक में यह निर्णय होगा कि प्रशासन जिस भाषा में समझना चाहता है उसी भाषा में बात की जाएगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि जब जब सावन आता है पदस्थापित उपायुक्त कुछ प्रयोग करने लगते हैं। कहा कि देश के किसी भी तीर्थस्थल में बार बार ना तो प्रयोग होता है और ना ही उसकी पौराणिकता के साथ छेड़छाड़ होता है। उपायुक्त लक्ष्मण रेखा को पहचानें। मंदिर उनका सरकारी विभाग नहीं है। जो वह अपनी तरह चला सकते हैं। उनसे आग्रह है कि वह मंदिर की पौराणिकता और परंपरा को बने रहने दें। एक तो पहले से फूटओवर के नाम पर पिंजरा बना परिसर को संकीर्ण किया गया है। किसी से राय मशविरा किए बगैर कुछ भी करने का निर्णय हो जाता है। कृष्णानंद झा ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर में प्रयोग करने के बजाय रूटलाइन में दो तीन किमी पहले करना चाहिए। मंदिर की क्षमता के हिसाब से भीड़ को वहां से नियंत्रित कर भेजना चाहिए। फूटओवर ब्रिज का नया कंस्ट्रक्शन नहीं हुआ तो उसका भी परिणाम रोप वे की तरह ही होगा। इससे पहले पूर्व मंत्री ने पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पूर्व अध्यक्ष विनोद दत्त द्वारी, डा. मोतीलाल द्वारी, पन्ना लाल मिश्र समेत अन्य लोगों के साथ निर्माण कार्य स्थल का जायजा लिया।
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