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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Madhupur Vidhan Sabha Seat Result: मधुपुर में किसने मारी बाजी? BJP और JMM के बीच था मुकाबला

Published: Sat, 23 Nov 2024 08:46 AM (IST)Updated: Sun, 24 Nov 2024 10:47 AM (IST)

Madhupur Vidhan Sabha Seat Result 2024 मधुपुर विधानसभा सीट से JMM ने Hafizul Hassan को कैंडिडेट बनाया था। वहींBJP ने ...और पढ़ें

मधुपुर और जेएमएम में कड़ी टक्कर (जागरण फोटो)
मधुपुर और जेएमएम में कड़ी टक्कर (जागरण फोटो)

HighLights

  1. मधुपुर में बीजेपी और जेएमएम के बीच मुकाबला था
  2. मधुपुर में JMM ने Hafizul Hassan और BJP ने गंगा नारायण को उम्मीदवार बनाया था

 डिजिटल डेस्क, मधुपुर। Madhupur Vidhan Sabha Result 2024: मधुपुर विधानसभा सीट से JMM के Hafizul Hassan ने भारी मतों से जीत दर्ज की। Hafizul Hassan ने BJP के गंगा नारायण सिंह को 20027 वोटों से हरा दिया।

मधुपुर विधानसभा झारखंड राज्‍य की 81 सीटों में बेहद महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखती है। देवघर जिले में आने वाला यह इलाका दुमका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का भी हिस्‍सा है। शुरुआत से ही इस इलाके में चुनावी कब्‍जे की जंग भाजपा और झामुमो के बीच चलती रही है। इस जंग में दो बार भाजपा तो एक बार झामुमो को जीत हासिल हुई है।

2005 के विधानसभा चुनाव में यहां से भाजपा नेता राज पालीवार विधायक चुने गए। उन्‍होंने झामुमो के हुसैन अंसारी को हराया। 2009 के चुनाव में पिछली हार का बदला झामुमो के हुसैन अंसारी ने निकाल लिया और जीत हासिल करते हुए विधायक बने। 2014 के चुनाव में भाजपा के राज पालीवार ने फिर से हुसैन अंसारी को हराया और विधायक बने।

2019 के चुनाव में झामुमो के हाजी हुसैन अंसारी ने जीत हासिल की। हालांकि इस सीट पर 2021 में उपचुनाव कराया गया। इस चुनाव में झामुमो के ही हफीजुल हसन विजयी हुए। नगरपालिका क्षेत्र और जिले का उपखंड कार्यालय होने के चलते यह क्षेत्र राज्‍य की सियासत में भी खासा दखल रखता है।

यह क्षेत्र ब्रिटिशकाल में बड़े स्‍तर पर विकसित किया गया और अंग्रेजों ने यहां पर रेल चलाने के लिए मधुपुर जंक्‍शन बनाया। इस जंक्‍शन पर भाप से चलने वाले रेल के इंजनों के लिए कोयले को स्‍टोर किया जाता था। बंगाल के मशहूर लेखक सर आशुतोष मुखर्जी और उमा प्रसाद मुखर्जी इसी इलाके में रहा करते थे। इस इलाके में बहने वाली पथरो नदी और जयंती नदी बारिश के मौसम में विकराल रूप लेकर यहां के लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है।